शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब तक प्रदेश की आबादी में से 22 फीसदी लोगों को टीकाकरण अभियान के तहत कवर किया गया है। 45 वर्ष तथा अधिक आयु वर्ग के लगभग 76 फीसदी लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दे दी गई है। वहीं, प्रदेश में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए कोविड टीकाकरण तब आरम्भ किया जाएगा, जब इसके लिए कोविड वैक्सीन प्राप्त होगी।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डाॅ. निपुण जिंदल ने आग्रह किया है कि 45 वर्ष तथा अधिक आयु वर्ग के शेष लोग शीघ्र टीका लगवा लें। जिन व्यक्तियों को पहले टीके के चार से आठ सप्ताह के बाद टीके की दूसरी खुराक लगनी है, वे भी समय पर टीका लगवा लें। उन्होंने बताया कि इस आयु वर्ग के लिए वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कोविड टीकाकरण की दो खुराक लेने के उपरान्त भी लोगों को कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया है।
डॉ. जिंदल ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 की रोकथाम, नियंत्रण तथा प्रबंधन के लिए अनेक कदम उठा रही है। कोरोना वायरस अधिक संवेदनशील रोगियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, जिनके लिए यह बीमारी अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा जानलेवा है। ऐसे कई रोगी इन दिनों होम आइसोलेशन के तहत रह रहे हैं तथा ये लोग चिकित्सा परामर्श के लिए अपने मैप्ड चिकित्सा अधिकारी या कोविड हेल्पलाइन नम्बर 104 (टोल फ्री) पर सम्पर्क कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी ओपीडी की सुविधा के माध्यम से होम आइसोलेशन में रह रहे लोग घर बैठे आनलाइन चिकित्सा परामर्श ले सकते हैं। ई-संजीवनी ओपीडी की सुविधा लोगों, चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य प्रणाली को आपस में जोड़ने का महत्त्वपूर्ण कार्य कर रही है तथा सभी को विशेषकर गंभीर लक्षणों वाले रोगियों को घर में ही रहते हुए चिकित्सकों के साथ सम्पर्क करने में सक्षम बना रही है।
