शिमला। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शनिवार को शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के बागी गांव में शुक्रवार को हुए अग्निकांड से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनसे ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने अग्निकांड से हुए नुकसान पर जल्द से जल्द उचित राहत का आश्वासन दिया।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण, ऊपरी व दूरदराज क्षेत्रों में मकान बनाते समय अग्निशामक यंत्रों की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए, इसके लिए ग्रामीण विकास मंत्री से चर्चा कर इस पर निर्णय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग गरीब हैं, उन्हें पंचायतों के माध्यम से अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि इस भीषण अग्निकांड में 8 मकान जलकर राख हुए हैं, जिसमें 16 परिवार प्रभावित हुए हैं। इनमें से 13 परिवार पूर्ण रूप से तथा 3 परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ण रूप से प्रभावित 13 परिवारों को 10,000 प्रति परिवार तथा आंशिक रूप से प्रभावित तीन परिवारों को 7000 रूपए प्रति परिवार सहायता राशि तुरंत प्रदान की गई है।
भारद्वाज ने कहा कि प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को बिस्तर, रजाई, गद्दे, बर्तन व राशन मुहैया करवाया गया है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट जल्द सरकार को प्रस्तुत करें, ताकि इन्हें मैनुअल के मुताबिक सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि आगजनी की सूचना मिलते ही प्रशासन, अग्निशमन गाड़ियां और पुलिस के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य में सहयोग दिया।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि इस क्षेत्र में पानी के टैंकों की कमी होने के कारण जल भंडारण सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने विभाग से स्टोरेज टैंक के निर्माण तथा वर्षा जल संग्रहण के लिए व्यापक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को मकान बनाने के लिए टीडी की लकड़ी की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी, जिसके लिए उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी संभव होगा प्रभावित परिवारों को अधिक से अधिक सहायता प्रदान की जाएगी और यदि प्रभावित परिवार स्कूल में भी अस्थाई तौर पर ठहरना चाहे तो वहां भी उनके ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।
