धर्मशाला। द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक नए अध्ययन और मेटा विश्लेषण के अनुसार एंथोसाइनिन से भरपूर खाद्य पदार्थ हृदय और मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। एंथोसाइनिन प्राकृतिक तत्व हैं जो कई फलों और सब्जियों को लालए नीला और बैंगनी रंग देते हैं। ब्लू बेरीज में इनकी मात्रा विशेष रूप से अधिक होती है और यू.एस.ए. ब्लूबेरी भी एंथोसाइनिन का एक प्राकृतिक स्रोत हैं। यह शोध भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है जहां हृदय रोग,हाई ब्लड प्रेशर,टाइप-2 डायबिटीज और जीवनशैली से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
यू.एस. हाईबश ब्लूबेरी काउंसिल के इंडिया रिप्रेजेंटेटिव राज कपूर ने बताया कि यह शोध हमारे रोजमर्रा के भोजन में विविधता और प्राकृतिक रंगों वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करने के महत्व को रेखांकित करता है। यू.एस.ए. ब्लूबेरी एंथोसाइनिन का अच्छा स्रोत हैं और इन्हें भारतीय खान-पान की आधुनिक आदतों में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
शोधकर्ताओं ने 18 प्रोस्पेक्टिव को होर्ट अध्ययनों जो 27 शोध प्रकाशनों में शामिल थे और 65 रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल्स के आंकड़ों की समीक्षा की। इनमें बिना किसी गंभीर बीमारी वाले वयस्कों को शामिल किया गया था। कम एंथोसाइनिन लेने वालों की तुलना में अधिक मात्रा में एंथोसाइनिन लेने वालों में हृदय रोग का जोखिम 26 प्रतिशत,हार्ट अटैक का जोखिम 18 प्रतिशत,टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम 11 प्रतिशत,हृदय रोग से मृत्यु का जोखिम 9 प्रतिशत और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम 8 प्रतिशत कम पाया गया।
रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल्स में प्रतिदिन 50 मिलीग्राम या उससे अधिक एंथोसाइनिन लेने पर रक्त वाहिकाओं के कार्य और इंसुलिन स्तर में भी सुधार देखा गया। यू.एस.ए.ब्लूबेरी को ताजा, फ्रोजन या सूखे रूप में खाया जा सकता है और इन्हें दही, ओट्स, स्मूदी, नाश्ते, सलाद, डेजर्ट तथा कुछ भारतीय व्यंजनों में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
