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सां‌ग ने किया अर्की के बातल में विकास कार्यों का लोकार्पण, बस स्टैंड और सीएससी से ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत 

सोलन। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने अर्की विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बातल में सांसद निधि से निर्मित नवनिर्मित बस स्टैंड एवं सार्वजनिक सेवा केंद्र (सीएससी) भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने इन विकास कार्यों को जनता को समर्पित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण भाजपा की प्राथमिकता है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि नवनिर्मित बस स्टैंड से स्थानीय लोगों और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, वहीं सार्वजनिक सेवा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को डिजिटल सेवाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ अपने क्षेत्र में ही सुलभ हो सकेगा। कार्यक्रम में अर्की के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा और सोलन जिला अध्यक्ष रत्न सिंह पाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सांसद सुरेश कश्यप ने संसद में 16 और 17 अप्रैल को हुई कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन दलों ने महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन विधेयकों और महिला भागीदारी से जुड़े मुद्दों का विरोध कर देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका प्राकृतिक अधिकार है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि जो दल इस ऐतिहासिक अवसर को रोक रहे हैं, उन्हें आने वाले चुनावों में देश की महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में विपक्ष के झूठ को बेनकाब करते हुए स्पष्ट किया कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि सभी क्षेत्रों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ दल धार्मिक आधार पर आरक्षण जैसी असंवैधानिक मांगों को उठाकर इस प्रक्रिया को जानबूझकर भटकाने और देरी करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल तुष्टिकरण और राजनीतिक स्वार्थ की राजनीति है।

सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि संसद में हुई चर्चा देश के लोकतांत्रिक भविष्य और महिलाओं की भागीदारी से जुड़ी एक ऐतिहासिक अवसर थी, लेकिन विपक्ष के रवैये ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे महिलाओं को समान भागीदारी देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक बिल का विरोध नहीं था, बल्कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों की आकांक्षाओं पर चोट थी। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने दशकों तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं से दूर रखने की साजिश रची और अब जब भाजपा सरकार इसे लागू करना चाहती है, तो वे बाधाएं खड़ी कर रहे हैं। 

By admin

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