केंद्र के पास प्रदेश का मनरेगा के 400 करोड़ रुपए अभी भी लंबित
शिमला। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने मनरेगा का नाम बदल कर इसमें संशोधन कर इसे कमजोर कर दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा देश में वोट चोरी के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार लोगों के रोजगार की गारंटी की चोरी का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे कभी सफल नहीं होने देगी। इसके खिलाफ पूरे देश में कांग्रेस ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत जनजागरण अभियान शुरू कर दिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि केंद्र की पूर्व यूपीए सरकार ने देश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर सभी दलों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लोकसभा से पारित कर इस रोजगार गारंटी का कानूनी रूप दिया था, जिसे मनरेगा के नाम से जाना जाता था। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं को मजबूती के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को गति मिली थी। आज इसके नए स्वरूप में पंचायतों का यह अधिकार छीन गया है और अब केंद्र ने इसके पूरे अधिकार अपने पास रख लिए हैं। अब केंद्र तय करेगा कि कौन सा काम होना है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल से केंद्र की भाजपा सरकार इसे कमजोर करती रही। केंद्र से जो पैसा राज्य सरकार को आना था, वह भी पूरा नहीं आया।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश का मनरेगा का 400 करोड़ रुपए केंद्र के पास अभी भी लंबित पड़ा है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह केंद्र की पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई दो दर्जन से अधिक योजनाओं के नाम बदल कर उन्हें अपना बताने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाना उनका घोर अपमान है, जिसे सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों को गुमराह कर राजनीतिक लाभ के लिये योजनाओं का नाम बदल रही है। इससे इसको कोई लाभ मिलने वाला नहीं है।
