विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लिखा इस संबंध में पत्र
शिमला। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के तहत राज्य को मिलने वाली धनराशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जाए और वर्तमान में लंबित पड़ी लगभग 94.41 करोड़ रुपये की राशि को तत्काल जारी किया जाए। उन्होंने यह मांग केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भेजे गए विस्तृत पत्र के माध्यम से की है।
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में हिमाचल प्रदेश को सीआरआईएफ योजना के तहत कुल 143.77 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 120.63 करोड़ रुपये सड़कों के लिए पहले ही जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सेतु बंधन के तहत पुलों के निर्माण के लिए 17.40 करोड़ रुपये की उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) केंद्र को भेज दी गई है, लेकिन इन निधियों का आवंटन अभी तक नहीं हुआ है, जिससे संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
लोक निर्माण मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने सितंबर 2025 तक सीआरआईएफ के तहत 1551.64 करोड़ रुपये का व्यय किया है। इसके मुकाबले केंद्र द्वारा 1457.23 करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं, जबकि 94.41 करोड़ रुपये की राशि अभी जारी किया जाना शेष है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने क्रमशः 191.52 करोड़ और 196.10 करोड़ रुपये का व्यय किया था, जिनके बदले केंद्र से पूरी राशि प्राप्त हुई थी।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियाँ अत्यंत कठिन हैं और इस वर्ष हुई अभूतपूर्व बारिश और भूस्खलन ने राज्य की सड़क अवसंरचना को भारी नुकसान पहुँचाया है। ऐसे समय में सीआरआईएफ के तहत अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है ताकि क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की समयबद्ध मरम्मत और पुनर्निर्माण किया जा सके।
उन्होंने बताया कि राज्य बजट में सीआरआईएफ कार्यों के लिए 200 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं और सितंबर 2025 तक 54.75 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पूरे वित्त वर्ष में लगभग 200 करोड़ रुपये के व्यय की संभावना है। ऐसे में केंद्र द्वारा मौजूदा 120.63 करोड़ के आवंटन को बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये करना आवश्यक है।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए सड़कों का महत्व अत्यधिक है, क्योंकि यही जनता की दैनिक जरूरतों, आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन, कृषि एवं आर्थिक गतिविधियों की जीवनरेखा हैं। उन्होंने केंद्र से अनुरोध किया है कि हिल स्टेट्स के लिए सीआरआईएफ आवंटन के मानदंडों में संशोधन किया जाए और हिमाचल प्रदेश को 200 करोड़ रुपये का वार्षिक आवंटन प्रदान किया जाए।
विक्रमादित्य सिंह ने आशा व्यक्त की कि राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और हालिया प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए केंद्र सरकार हिमाचल को उचित सहयोग प्रदान करेगी और लंबित 94.41 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी करेगी, जिससे विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
