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शिमला। राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस.पी. कत्याल ने प्रदेश में हाल ही में आई आपदा के दृष्टिगत आपात स्थितियों के दौरान अधिकारियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर लाभार्थियों को समयबद्ध राशन की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि किसी भी लाभार्थी को परेशानी का सामना न करना पड़े। वे गत दिन यहां राष्ट्रीय खाद्य अधिनियम 2013 और हिमाचल प्रदेश खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2019 के तहत लाभार्थियों के अधिकारों की प्रभावी समीक्षा और निगरानी के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री पोषण, एकीकृत बाल विकास योजना प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। 

डॉ. एस.पी. कत्याल ने आयोग की शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए ताकि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को उनके अधिकारों के लिए जागरूक करने के लिए संबंधित विभागों को उचित मूल्यों की दुकानों तथा विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में सूचना बोर्ड/होर्डिंग लगवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इससे लोगों को आयोग से सम्पर्क करने में सहायता मिलेगी।

बैठक के दौरान विभागीय प्रतिनिधियों ने आयोग को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और उपलब्धियों की जानकारी दी।

बैठक में आयोग के सदस्य हेमिस नेगी, हितेश आजाद एवं सदस्य सचिव योगेश चौहान, विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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