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शिमला। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की अध्यक्षता में वीरवार को राज्य स्तरीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में विभिन्न हितधारकों पुलिस, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा व परिवहन विभाग के माध्यम से सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित किये जा रहे विभिन्न कार्य-कलापों एवं गतिविधियों पर व्यय की जा रही धन राशि की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त प्रदेश में सड़क सुरक्षा के वर्तमान परिदृश्य पर भी विस्तार से समीक्षा की गई। 

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आदेश दिये कि वर्ष 2024 में वर्ष 2023 की तुलना में सड़क हादसों व मृत्यु दर में 10 प्रतिशत की कमी लाने के लक्ष्य पर कार्य करें तथा सड़क सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट समिति (सड़क सुरक्षा) द्वारा समय-समय पर दिये जा रहे दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित की जाए।

बैठक में अवगत करवाया गया कि वर्ष 2023 में सड़क सुरक्षा निधि के तहत अभी तक 26.73 करोड रुपये की धन राशि विभिन्न हितधारक विभागों जैसे लोक निर्माण विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन तथा शिक्षा विभाग को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा इससे जुड़े कार्य-कलापों एवं गतिविधियों हेतु आबंटित की गयी, जिसमें मुख्यतः आधुनिक सड़क सुरक्षा उपकरणों जैसे आईटीएमएस की स्थापना, इंटरसेप्टर गाड़ियों की उपलब्धता, स्वचालित वाहन जांच टेस्टिंग प्रणाली व ट्रैफिक पार्क का निर्माण एवं सड़क सुरक्षा के परिदृश्य से संवेदनशील स्थानों पर सड़कों का सुधार, स्वास्थ्य उपकरणों की व्यवस्था, आपातकाल के लिए सभी एम्बुलेंस की मैपिंग तथा सभी शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा क्लब का गठन व व्यापक जागरूकता अभियान व शिविरों का आयोजन तथा सड़क सुरक्षा पर दूरदर्शन, एफएम रेडियो, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार के लिए किया गया।

प्रदेश में वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 13 फीसदी की कमी पाई गई जबकि सड़क हादसों में मृतकों की संख्या में 14 फीसदी की कमी आई है। इसी प्रकार वर्ष 2023 में पुलिस व परिवहन विभाग द्वारा लगभग 8.5 लाख वाहनों के चालान किए गए जिसमें लगभग 41 करोड़ रुपये की धन राशि बतौर कंपाउंडिंग फीस के रूप में राजस्व प्राप्ति हुई। 

प्रदेश में सोलन के बद्दी में स्वचालित वाहन जांच प्रणाली की स्थापना की जा रही है तथा ऊना के हरोली में स्वचालित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक व सुरक्षा पार्क का निर्माण करवाया जा रहा है। सड़क निर्माण ऐजेन्सियों द्वारा 122 ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना की दृष्टि से महत्वपूर्ण 969 संवेदनशील स्थानों का सुधार किया गया है।

बैठक में प्रधान सचिव (परिवहन), प्रधान सचिव, (वित्त) सचिव (स्वास्थ्य), पुलिस महानिदेशक, निदेशक परिवहन, प्रबन्ध निदेशक, हिमाचल पथ परिवहन निगम तथा क्षेत्रीय अधिकारी राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण सहित हितधारक विभागों के विभागाध्यक्ष व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

By admin

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