शिमला। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा का व्यापारीकरण, भगवाकरण व केंद्रीयकरण के विरोध में एसएफआई का 3 दिवसीय 22वां राज्य सम्मेलन स्वाधीनता, जनवाद, समाजवाद के नारे के साथ सम्पन्न हुआ। 3 दिवसीय सम्मेलन 5 मार्च को नाहन बाजार में रोड़ शो के साथ शुरू हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन केरल सरकार के पूर्व सलाहकार डॉक्टर अरुण सिंह व एसएफआई के पूर्व महासचिव डाक्टर विक्रम सिंह ने किया।
स्ममेलन के अंतिम दिन वीरवार को सम्मेलन में 33 सदस्यीय नई कमेटी का गठन किया गया। इसमें अध्यक्ष अनिल ठाकुर और और सचिव दिनित देंटा को चुना गया व 12 सदस्यीय सचिवालय का चुनाव किया गया ।
इस सम्मेलन में पूरे प्रदेश से 173 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन में प्रदेश के 12 जिलों में शिक्षा व्यवस्था की स्तिथि पर चर्चा की गई और की छात्र मांगों को लेकर 11 प्रस्तावों पारित किए गए। सम्मेलन में आगामी 2 वर्षों के लिए नई शिक्षा नीति,वछात्र संघ चुनाव की बहाली और विभिन्न छात्र मांगों को लेकर और शिक्षा व्यवस्था के सुधार की लड़ाई के लिए व केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के ऊपर किए जा रहे हमलों के खिलाफ व शिक्षा के बजट को बढ़ाने, छात्रवृति की बहाली के लिए आंदोलन किया जाएगा।
