शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में दुनिया का दूसरा सबसे लंबा और भारत का सबसे बड़ा रोपवे प्रोजेक्ट बनेगा। इसकी लंबाई 13.55 किलोमीटर होगी। पहाड़ों की रानी में इस प्रोजेक्ट के बनने से स्थानीय लोगों सहित शिमला आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को यहां लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्कवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इस प्रोजेक्ट में 660 ट्रॉली लगेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ट्राली की क्षमता 8 से 10 सवारी की होगी। तारादेवी से शुरू होने वाले इस रोपवे में कुल 13 स्टेशन बनाए जाएंगे। पहला स्टेशन तारादेवी में बनेगा। इसके बाद जूडिशियल कॉम्पलेक्स चक्कर, टूटीकंडी पार्किंग, आईएसबीटी टूटीकंडी, रेलवे स्टेशन, ओल्ड बस स्टैंड शिमला, लिफ्ट, सचिवालय छोटा शिमला, नव-बहार, संजौली, आईजीएमसी, आइस स्केटिंग रिंक और 103 नीयर होटल चेतन पर 13 स्टेशन बनाए जाएंगे।
अग्निहोत्री ने कहा कि प्रत्येक दो से तीन मिनट बाद यात्रियों को ट्रॉली उपलब्ध होगी। इसमें तीन लाइन यानी रेड लाइन, ग्रीन और ब्लू लाइन बनेगी। उन्होंने कहा कि इसके स्थापित होने से शिमला में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजाना के ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा। यह पूरी तरह इको फ्रैंडली ग्रीन प्रोजेक्ट होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट आने वाले 40 साल को देखते हुए डिजाइन किया गया है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस रोपवे को न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की मदद से बनाया जा रहा है। इसमें 20 फीसदी हिमाचल की इक्विटी होगी। 8 फीसदी लोन और 72 फीसदी ग्रांट होगी। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट की सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई है। अब ग्लोबल टेंडर करने की तैयारी है।
बस के जितना होगा इसमें किरायाः अग्निहोत्री
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि रोपवे का किराया बस के आस-पास होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को पांच साल में पूरा करने का डेडलाइन रखी गई है, जबकि इसके पहले चरण को ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की डीपीआर बनकर तैयार है। इसे एनडीबी को सब्मिट कर दिया है।
तारादेवी से शिमला पहुंचना हो जाता है मुश्किल
इस समय शिमला में ट्रैफिक कंजेशन की वजह से आदमी चंडीगढ़ से तारादेवी आसानी से पहुंच जाता है, लेकिन तारादेवी से शिमला तक 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में काफी समय लग जाता है। इस वजह से खासकर सेब सीजन, न्यू ईयर, क्रिसमस, समर टूरिस्ट सीजन आदि के दौरान तो 10 किलोमीटर के सफर में कई घंटे भी लग जाते हैं। ऐसे में रोपवे बनने से शहरवासियों को फायदा होगा।
हिमाचल में बनेगा दुनिया का सबसे लंबा रोपवे
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि तारादेवी-शिमला रोपवे के बाद परवाणू से शिमला तक रोपवे बनाने की दिशा में भी काम शुरू हो गया है। इसकी लागत 6600 करोड़ रुपए आएगी। इसकी लंबाई 38 किलोमीटर होगी। यह दुनिया का सबसे बड़ा रोपवे होगा। हिमाचल प्रदेश के रोपवे डेवलपमेंट कॉर्पोरशन ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसे पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) में शुरू किया जाएगा।
