शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने चंबा जिला में हुए जघन्य हत्याकांड की मामले की कड़ी निंदा करते हुए इस मामले की एनआईए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि चंबा जिले में यह गंभीर मामला सामने आया है। वहां 6 जून 2023 को मनोहर जो हिंदू दलित परिवार से संबंध रखता था वह घर से गुम हो गया, कुछ दिनों बाद उसकी लाश एक नाले में मिली, जिसके 8 हिस्से बोरी से बरामद हुए। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश में घटी इस घटना को लेकर समाज में तनाव है और यह घटना देश एवं प्रदेश में चिंता का विषय बन गई है। उन्होंने कहा कि यह सामान्य घटना नहीं है और किसी सामान्य व्यक्ति द्वारा नहीं की गई है। यह असामान्य घटना है जिसने पूरे प्रदेशभर को झकझोर कर रख दिया है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वीरवार को यहां प्रेस वार्ता में कहा कि इस घटना में मुख्य आरोपी मुसाफिर मोहम्मद, उनकी पत्नी फरीदा और अन्य 6 लोग हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा पता चला है कि मनोहर की हत्या लकड़ी काटने वाले कटर द्वारा की गई और लाश को जलाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन पड़ोसी गद्दियों से डर के लाश को बोरी में सुनसान जगह डाल दिया गया। कुछ दिनों बाद मनोहर का जूता नदी में मिला और उसके बाद लाश बरामद की गई।
जयराम ठाकुर ने कहा कि वह आरोपी की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी जनता के समक्ष लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस आरोपी के बारे में उन्हें पता चला है कि इस व्यक्ति ने हाल ही में 2000 के 97 लाख नोट बैंक में एक्सचेंज करवाए थे। इसके बैंक अकाउंट में दो करोड़ का डिपाजिट है और आय का साधन इतना नहीं है। इस आरोपी के पास तीन बीघा मलकियत जमीन है और कब्जा 100 बीघा जमीन पर है। वह अपनी जमीन पर किसी आम व्यक्ति को आने जाने नहीं देता। यह आरोपी 10,000 फीट की ऊंचाई पर यह रहता है जहां 6 से 10 फुट बर्फ पड़ती है, पर फिर भी वह इतनी बर्फ में वहीं रहता है। इसके पास 100 बकरियां हैं पर हर साल 200 बकरियां बेचता है।ऐसे में यह व्यक्ति क्या किसी और की बकरियों पर कब्जा करता है। उन्होंने कहा कि 1998 चंबा के गांव के हत्याकांड में जब जम्मू कश्मीर के आतंकी हिमाचल में घुस गए थे और 35 लोगों की हत्या करी थी, 7 लोगों को वह जिंदा ही जम्मू-कश्मीर ले गए थे जो आज तक मिले नहीं। उस मामले में भी इस आरोपी को जांच में शामिल किया गया था। इस व्यक्ति ने सभी सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया है। यही नहीं, कुछ प्रभावशाली व्यक्ति इस जांच को दबाने का प्रयास भी कर रहे हैं। यह लोग कह रहे हैं यह 2 लोगों का निजी मामला है। यह व्यक्ति अपने समुदाय में एक प्रभावशाली व्यक्ति भी है और छुप-छुप कर इनके समुदाय के लोग इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस पूरे मामले को लेकर एसआईटी का गठन तो किया है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि इस पूरे मामले की एनआईए से जांच करवानी चाहिए, क्योंकि इसमें बहुत सारे पहलू सामने निकल कर आएंगे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और वे स्वयं शुक्रवार को मृतक के परिवारों से मिलने जाएंगे। ठाकुर ने कहा मुख्यमंत्री बार-बार कहते हैं कि हिमाचल 97 फीसदी हिंदू प्रदेश है और हमने उनको हिमाचल प्रदेश में हराया है, यह मुख्यमंत्री काफी सार्वजनिक मंचों से भी कह चुके हैं और कर्नाटक चुनाव में भी इसी शैली का प्रयोग किया गया है। मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि उनका कहने का क्या तात्पर्य है।
