पालमपुर। सीएसआईआर-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी), पालमपुर के एसएस भटानगर सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया। इस साल ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ की विषयवस्तु “डिजिटऑल: लैंगिक समानता के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी”।
इस अवसर पर संस्थान के विभिन्न वैज्ञानिकों ने छात्रों के साथ बातचीत की और विज्ञान आधारित पेशे में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान डॉ. पमिता भंडारी, प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर-आईएचबीटी ने ‘हिमालयी औषधीय पौधों से बायोएक्टिव और उनका मूल्य संवर्धन’ पर, डॉ. सरिता देवी, वैज्ञानिक ने ‘माइक्रोबियल एंजाइम और उनके औद्योगिक अनुप्रयोगों’ पर, डॉ. विद्याशंकर श्रीवत्सन, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने ‘महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण के बारे में संतुलित आहार एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व’ पर और डॉ. पूनम कुमारी, वैज्ञानिक ने ‘फूलों की खेती में मूल्यवर्धन पर’ अपना व्याख्यान दिया। इसके अलावा, इस आयोजन के अन्य मुख्य आकर्षण प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी, ट्यूलिप गार्डन, रसायन विज्ञान प्रयोगशाला, टिशू कल्चर लैब, चाय प्रसंस्करण इकाई, सूखे फूल और पायलट प्लांट का दौरा थे।
सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने अपने संदेश में प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बधाई दी। उन्होंने उनके लिए विज्ञान में एक सफल कैरियर की कामना की और उन्हें महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने और इस उद्देश्य के लिए अपने प्रयासों को महत्व देने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. अपर्णा मैत्रा पति, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-आईएचबीटी ने सभी छात्रों से इस शैक्षिक दौरे का लाभ उठाने का आग्रह किया और इसे एक सुनहरे अवसर के रूप में लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने सीएसआईआर-आईएचबीटी, पालमपुर में विशेष रूप से महिलाओं के लिए चल रहे स्टार्ट-अप और उद्यमिता कार्यक्रमों के बारे में भी चर्चा की।
इस कार्यक्रम में चितकारा विश्वविद्यालय, राजपुरा (पंजाब), साईं विश्वविद्यालय, पालमपुर तथा गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज राजपुरा, पालमपुर (हिमाचल प्रदेश) की बी-फार्मा और एमएससी की 130 छात्राओं ने अपने शिक्षकों के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।
