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शिमला। राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त, युनूस ने कहा है कि इस वित्त वर्ष में अगस्त माह के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह में 398 करोड़ रुपये जीएसटी संग्रहण किया गया है। उन्होंने कहा इस वित्त वर्ष के दौरान प्रथम पांच माह में जीएसटी संग्रहण पिछले वर्ष की समान अवधि के 1634 करोड़ रुपये के संग्रहण की तुलना में 2255 करोड़ रुपये रहा है।
युनुस ने शुक्रवार को यहां कहा कि यह वृद्धि करदाताओं में कर अदायगी सम्बन्धी अनुपालना में सुधार तथा विभाग द्वारा किए गए विभिन्न प्रशासनिक एवं नीतिगत प्रयासों तथा प्रवर्तन प्रणाली के सुदृढ़ीकरण से सम्भव हो पाई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 25 प्रतिशत की वार्षिक संचयी वृद्धि का लक्ष्य हासिल करने के लिए विभाग ने रिटर्न फाइलिंग में निरन्तर सुधार, रिटर्न की तीव्र छंटनी, जीएसटी ऑडिट को समय पर पूरा करना और मजबूत प्रवर्तन पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया है।
युनूस ने कहा कि विभाग ने वर्तमान वित्त वर्ष में अपने रोड चैकिंग अभियान में पांच लाख 60 हजार ई-वे बिल सत्यापित किए हैं। विभाग स्वैच्छिक अनुपालन में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और टैक्स हाट कार्यक्रम के तहत समयबद्ध रूप से हितधारकों के मुद्दों का निवारण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस माह के दौरान हितधारकों को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों से स्वैच्छिक अनुपालना में सुधार आने की सम्भावना है।
राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त ने कहा कि विभाग टैक्स अधिकारियों के ज्ञान में वृद्धि तथा क्षमता निर्माण पर भी ध्यान केन्द्रित कर रहा है। गत छह माह के दौरान 400 कर अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा विभागीय पुनर्गठन की सैद्धान्तिक मंजूरी और प्रशिक्षित अधिकारियों के सशक्त प्रयासों से विभाग को राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

By admin

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