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शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने राज्य सरकार द्वारा सेब के समर्थन मूल्यों में 50 पैसे की मामूली बढ़ोतरी पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार के इस निर्णय से उनका बागवान विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा पूर्व में भी किसान और बागवान विरोधी रही है और आज भी इसकी यही नीति है।

राठौर ने कहा कि इस बार बागवानों को पहले ही मौसम की मार पड़ी है। ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना था कि प्रदेश का एक बहुत बड़ा तबका सेब की फसल पर ही निर्भर करता है। ऐसे में इसका समर्थन मूल्य कम से कम 20 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया जाना चाहिए, जिससे बागवानों को किसी भी नुकसान से बचाया जा सके। राठौर ने कहा कि सरकार ने पहले ही डीज़ल व पेट्रोल के मूल्यों में भारी बढ़ोतरी कर लोगों की आर्थिकी को भारी नुकसान पहुंचाया है। महंगाई का यह दौर बढ़ता ही जा रहा है। किसान, बागवान जो दिन रात कड़ी मेहनत कर फसलों को पैदा करता है उसकी मेहनत का उसे कुछ भी उचित लाभ नहीं मिल रहा है।
राठौर ने कहा कि कोविड-19 के चलते बागवानों को इस बार बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन सेवा इतनी मंहगी हो गई है कि उन्हें इसकी लागत भी पूरी नहीं मिल रही है। उनका कहना था कि इस बार आढ़ती और लदानी के यहां आने की संभावना कम ही लग रही है। बागवान अपना उत्पादन अन्य राज्यों में कैसे भेजेंगे, इसका सरकार ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है, जो चिंता का विषय है।
राठौर ने कहा कि सरकार को एचपीएमसी के द्वारा सेब कार्टन, ट्रे उपलब्ध करवा कर इसके विपणन की पूरी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे बागवानों को किसी भी समस्या से बचाया जा सके। उन्होंने सरकार से सेब बागवानों को उनके बकाया राशि के तुरंत भुगतान करने की मांग करते हुए कहा कि इस समय उन्हें पैसे की जरूरत है, जिससे वह अपने उत्पाद को सही ढंग से मंडियों में भेजने की व्यवस्था कर सके।

By admin

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