रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने रिकांगपिओ में उद्यान विभाग के फल विधायन केंद्र भवन के संवर्धन/जीर्णोद्धार कार्य की आधारशिला रखी। इस मौके पर सूरत नेगी ने कहा कि अतिरिक्त कमरों के निर्माण व पुराने भवन के संवर्धन के लिए 75 लाख रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि भवन के बन जाने से फल विधायन केंद्र से लोगों को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किन्नौर जिला के समग्र विकास के प्रति दृढ़ संकल्प है तथा जिले में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्यक्रम आरंभ किए गए हैं।
सूरत नेगी ने कहा कि जिले में बागवानी के विकास व आधुनिकीकरण करने के लिए 50 करोड़ रुपए की परियोजना स्वीकृत की गई है। यह एक क्लस्टर विकास कार्यक्रम केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा देश में स्वीकृत किए गए 12 क्लस्टरों में से एक है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत 4 वर्षों में जिला किन्नौर का 5000-10000 हैक्टेयर क्षेत्र लाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। किन्नौर जिला के सभी बागवान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस योजना के तहत लाभान्वित होंगे। इस योजना के तहत 80 प्रतिशत अनुदान पर कार्य किए जाएंगे।
नेगी ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत बागवानों की समस्या का समाधान कर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना, आधुनिक व नवीन तकनीकों को बढ़ाकर सेब बागवानी को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना, बागवानों को आवश्यकता अनुसार जानकारी व प्रशिक्षण प्रदान कर कलस्टर ब्रांड विकसित करना है। इस अवसर पर फल विद्यान केंद्र रिकांगपिओ के प्रमुख जगत नेगी व अन्य उपस्थित थे।
