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शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के प्रति अपनी ’’जीरो टॉलरेंस’’ की नीति पर कायम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के ध्यान में भ्रष्टाचार का जो भी मामला आया, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक की कथित ऑडियो क्लिप जारी होते ही बिना समय गवाए कार्रवाई अमल में लाई गई। वहीं, विजिलैंस की जांच शुरू करके निदेशक स्वास्थ्य विभाग को सस्पैंड कर तुरंत गिरफ्तार किया गया और आगे की जांच जारी है। 
त्रिलोक जम्वाल ने आगे कहा कि भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल ने नैतिकता के आधार पर अपने पद से केवल इसलिए इस्तीफा दिया, क्योंकि कुछ तथाकथित लोग निराधार बयानबाजी करके भाजपा पर अंगुली उठा रहे थे। इसलिए उन्होंने अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए अपने पद से त्यागपत्र दिया, ताकि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके और भाजपा हर प्रकार की जांच के लिए तैयार भी है। 
भाजपा महामंत्री ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं का भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाना ’’खुद मियां फजीहत औरों को नसीहत’’ कहावत को चरितार्थ करता है। जिस पार्टी ने भ्रष्टाचार में कीर्तिमान स्थापित किए हों, जो पार्टी खुद आकंठ भ्रष्टाचार में लिप्त हो और अनेकों भ्रष्टाचार के आरोप उनके ऊपर लगे हो, उनका दूसरों को नैतिकता की सीख देना हास्यास्पद है।

त्रिलोक जम्वाल ने कहा सर्वविदित है कि आज पूरा विश्व कोरोना महामारी से त्रस्त है और इस वैश्विक महामारी के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने जहां समाज सेवा के कार्य प्रारंभ कर प्रदेश की जनता की सेवा की, वहीं कांग्रेस पार्टी ने इस संकटकाल में भी केवल राजनीति ही करने का काम किया। भाजपा ने पूरे प्रदेश में 5 लाख से अधिक भोजन पैकेट, एक लाख से अधिक सूखा राशन, 22 लाख से अधिक मास्क बांटे और साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में 9 करोड़ से अधिक का अंशदान दिया। 
जम्वाल ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं से प्रश्न करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बताएं कि कोरोना संकट के दौरान उन्होंने प्रदेश की जनता के लिए क्या किया ? वे बताएं कि इस संकटकाल में उन्होनें कौन सी समाज सेवा की ? जंवाल ने कहा कि कांग्रेस के पास इसका कोई भी जवाब नहीं होगा, क्योंकि कोरोना कालखण्ड में कांग्रेसी नेता ’’बयान बहादुर’’ बनकर रह गए और कांग्रेसी नेताओं में बयानबाजी करने में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ सी लग गई, जोकि निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए और प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए मीडिया में निराधार बयानबाजी कर जनता में अपनी उपस्थिति बनाए रखना चाहते हैं परन्तु प्रदेश की जनता उनके द्वारा फैलाई जा रही झूठी अफवाहों में नहीं आने वाली। इस पूरे प्रकरण को भारतीय जनता पार्टी के साथ अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ना कांग्रेस पार्टी की एक कुटिल चाल मात्र है, जिसमें वे कभी कामयाब नहीं होंगे। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जल्दी ही सच्चाई सबके सामने आ जाएगी और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

By admin

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