धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश के उद्योगों में हिमाचलियों को 80 फीसदी रोजगार के मामलों की जांच करेगी। जांच के लिए उद्योग और श्रम विभाग के अधिकारियों की कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी की रिपोर्ट से सदन को भी अवगत करवाया जाएगा। उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर की अनुपस्थिति में अधिकृत ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने भाजपा के परमजीत सिंह पम्मी, कांग्रेस के लखविंद्र राणा व रामलाल ठाकुर तथा भाजपा अरुण कुमार के अनुपूरक सवालों के जवाब में यह बात कही।
इससे पहले बीबीएन में स्थापित उद्योगों में हिमाचल के युवाओं को 70 फीसदी रोजगार का मामला उठाते हुए परमजीत सिंह पम्मी ने कहा कि उद्योगपति इस मामले में न केवल श्रम अधिकारियों व युवाओं, बल्कि विधायकों को भी बेवकूफ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि बीबीएन में 2500 से अधिक उद्योग लगे हैं, लेकिन इनमें प्रदेश के युवाओं को बहुत कम रोजगार दिया गया है। उन्होंने इस मामले की जांच तथा युवाओं को सरकार की नीति के मुताबिक 80 फीसदी रोजगार सुनिश्चित करने का आग्रह सदन में किया।
कांग्रेस के लखविंद्र राणा व भाजपा के अरुण कुमार ने भी उद्योगों में हिमाचलियों को रोजगार का मामला उठाते हुए कहा कि सरकार की नीति के मुताबिक प्रदेश के युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। कांग्रेस के राम लाल ठाकुर ने कहा कि कोरोना काल में उद्योगों ने हजारों युवाओं को नौकरी से बाहर किया और उनकी जगह नई भर्तियां कर ली। श्रम अधिकारियों के पास लंबित मामलों का निपटारा सालों साल नहीं होता। उन्होंने श्रम अधिकारियों के पास लंबित मामलों के निपटारे के लिए समय सीमा तय करने की बात भी सदन में कही। उधर, ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि बीबीएन में स्थापित उद्योगों में प्रदेश के 61 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिया गया है। समूचे प्रदेश में स्थापित उद्योगों में राज्य के 106745 युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि रोजगार की शर्त की अवहेलना करने वाले 18 उद्योगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनका जवाब संतोषजनक न पाए जाने की स्थिति में सरकार कार्रवाई करेगी।
