शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार कोरोना संकट में भी प्रदेशहित और जनहित में काम रही है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों के बावजूद शनिवार को आयोजित की गई हिमाचल कैबिनेट की बैठक में लोगों को राहत देने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। हिमाचल सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन को देखते हुए हिमाचल में सभी स्कूल-कॉलेजों समेत अन्य शिक्षण संस्थानों को फिलहाल बंद रखने का फैसला लिया है।
शर्मा ने कहा कि जयराम सरकार की कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में सभी स्थानों पर एक जून से सरकारी व निजी बसें चलाने का फैसला लिया है। हालांकि, अंतरराज्यीय रूटों यानी प्रदेश के बाहर के लिए बसें नहीं चलेंगी। प्रदेश में जिले के भीतर और एक से दूसरे जिले के लिए बसें चलेंगी। मंत्रिमंडल ने बस किराया न बढ़ाने का फैसला लेकर प्रदेश की जनता को राहत प्रदान की है। सभी बसें 60 फीसदी क्षमता के साथ चलेंगी। कंटेनमेंट जोन में बसें चलेगी, लेकिन इन क्षेत्रों में न यात्री बसों में बैठेंगे और न ही उतरेंगे। टैक्सी और ऑटो भी आगामी मंगलवार से चलने शुरू होंगे, जिससे इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी राहत मिलेगी।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पूरे प्रदेश में बार्बर और सैलून की दुकाने खोलने के लिए प्रदेश सरकार ने अनुमति दे दी है। निजी वाहनों के लिए अब कफ्र्यू पास की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जयराम मंत्रिमंडल ने प्रदेश के लाखों अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए निजी स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। विभाग ने ट्यूशन फीस लेने का पहला और ट्यूशन फीस व वार्षिक शुल्क वसूलने का दूसरा प्रस्ताव बैठक में रखा। सरकार ने विस्तृत चर्चा के बाद सिर्फ ट्यूशन फीस वसूलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सभी निजी स्कूलों को ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने को कहा गया है। फीस नहीं चुकाने की सूरत में किसी भी बच्चे की पढ़ाई को रोका नहीं जा सकेगा।
रणधीर शर्मा ने कहा कि निजी स्कूलों को शिक्षकों और गैर शिक्षकों को पूरा वेतन देने, किसी भी कर्मी को नौकरी से नहीं निकालने और वेतन में कमी नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं। निजी स्कूल प्रबंधनों को टयूशन फीस से इन खर्चों को पूरा करने को कहा गया है। इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से पूरा विश्व परेशान है। इस संकट की घड़ी में निजी स्कूलों को भी अपनी जिम्मेवारी समझनी होगी।
भाजपा प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल को 15वें वित्त आयोग से अगले माह 429 करोड़ रुपये मिलेंगे। इनमें से पंचायतों को 70 फीसदी राशि मिलेगी। पंचायत समितियों को 15 फीसदी और जिला परिषद 15 फीसदी राशि जारी की जाएगी। 15वें वित्त आयोग की जारी बजट 90 प्रतिशत जनसंख्या और शेष 10 फीसदी राशि क्षेत्र के आधार पर जारी होगी। इससे पंचायतों में कल से काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल में करीब 14.5 हजार लावारिस पशुओं को अब चारे के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार गो सदन संचालकों को वित्तीय मदद देगी। कैबिनेट ने लावारिस पशुओं के पुनर्वास के लिए योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत 22 लाख गायों और भैंसों की केंद्र सरकार के निर्देश पर टैगिंग होगी। इन पशुओं का रिकॉर्ड मालिक के आधार से लिंक किया जाएगा।
बाहर से लोगों को लाने का फैसला सराहनीय
भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा हिमाचल के बाहर रह रहे लोगों को वापिस हिमाचल लाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लाॅकडाऊन की वजह से लाखों हिमाचली बाहरी राज्यों में फंस गए थे, जोकि काफी समय से प्रदेश में वापस आने के लिए तरस रहे थे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयासों से प्रदेश से बाहर रह रहे हजारों हिमाचलियों को हिमाचल वापिस लाया जा चुका है और साथ ही उनकी स्वास्थ्य जांच करके उन्हें संस्थागत क्वारंटीन किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। जिन लोगों की रिपोर्ट पोजिटिव आ रही है उनका अस्पतालों में बेहतरीन ईलाज किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि कोरोना के जो मामले प्रदेश में सामने आ रहे हैं, वे सभी लोग बाहर के प्रदेशों से आए हैं और हिमाचल प्रदेश की स्थिति अन्य राज्यों के मुकाबले संतोषजनक है।
