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नाहन। रेणुका झील को धार्मिक स्थल के साथ-साथ मुख्य पर्यटक स्थल के रूप में विश्व मानचित्र पर उभारने के लिए जिला के सभी विभाग वाइल्ड लाइफ विभाग के साथ मिलकर 15 अप्रैल तक एक बड़ा प्लान तैयार करेंगे। यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर डॉ. आरके परूथी ने आज वर्ल्ड वेटलेंड्स-डे के अवसर पर रेणुका में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दी।
डॉ. परूथी ने कहा कि जिस तरह हमारे राज्य को स्वर्णिम 50 वर्ष पूरे होने पर अगले एक वर्ष तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जश्न मनाया जा रहा है, उसी प्रकार रेणुका झील को भी अगले एक वर्ष तक इस कार्यक्रम के साथ जोड़कर इसके विकास के लिए कई कदम उठाए जाएंगे और इस झील के महत्व को बड़े स्तर पर पर्यटन के साथ भी जोडा जाएगा। रेणुका झील को विकसित करने के लिए इसकी सिल्ट को हटाने और झील की साफ सफाई के लिए विभागों सहित नेहरू युवा केन्द्र के स्वयंसेवक, युवक मंडल व क्षेत्र के आस-पास की पंचायतें मिलकर काम करेंगी। उन्होंने कहा कि रेणुका झील में समय-समय पर पानी की गुणवता की जांच की जाएगी और इसके आस-पास के क्षेत्र में बडी मात्रा में पौधे रोपित किए जाएंगे।
उपायुक्त ने बताया कि 2 फरवरी, 1971 में ईरान के रामसर में वेटलैंड के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए और उसके संरक्षण को बढ़ावा देने के विश्व स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। तब से हर वर्ष 2 फरवरी को वर्ल्ड वेटलैंड्स डे मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वर्ल्ड वेटलैंड्स डे की थीम ”वेटलेन्डस और वॉटर” है। इस थीम के तहत मीठे जल स्रोतों को संरक्षित करना व मीठे जल की मात्रा और गुणवता को बनाए रखने में वेटलैंड्स के योगदान के बारे में आम जन को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण को स्वच्छ रखना हम सब का नैतिक दायित्व है। उपायुक्त ने रेणुका के आस-पास के क्षेत्र के पंचायत वासियों से अपील करते हुए कहा कि वह  इस क्षेत्र में वाइल्ड लाइफ को विकसित करने में विभाग का सहयोग करें। 
इस अवसर पर डीएफओ वाइल्ड लाइफ कृष्ण कुमार ने बताया कि आज के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेणुका वेटलैंड्स को विकसित करने के लिए योजना बनाना था।  इसके साथ-साथ विभाग का लक्ष्य वाइल्ड लाइफ को संरक्षित करना है, जिसमें विदेशी पक्षियों सहित रेणुका जू में रखे पशु पक्षी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि रेणुका जू में टाईगर को लाने की पहल लंबे समय से चल रही है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा। इस मौके पर पशुपालन विभाग की डॉ. रेणु चौहान ने बर्ड फ्लू और पशु पक्षियों में होने वाली अन्य बिमारियों के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर एसडीएम नाहन रजनेश कुमार, डीपीओ अंचित डोगरा, तहसीलदार ददाहु चेतन, बीडीओ नाहन अनूप शर्मा, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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