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कुपवी में 67वीं राज्य स्तरीय अंडर-19 छात्र खेलकूद प्रतियोगिता में शिक्षा मंत्री ने बतौर मुख्यातिथि की शिरकत 

शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बुधवार को पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुपवी में आयोजित 67वीं राज्य स्तरीय अंडर-19 छात्र खेलकूद प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 12 जिलों और सात खेल छात्रावासों के 655 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो, कुराश और ठोडा खेलों के मुकाबले आयोजित किए गए।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल होना मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि युवा शक्ति के आत्मविश्वास, अनुशासन, प्रतिभा और संकल्प को करीब से देखने का गौरवपूर्ण अवसर है। शिक्षा के साथ खेलकूद भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। खेल बच्चों और युवाओं के शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास की मजबूत नींव रखते हैं तथा उनमें टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन जैसे गुणों का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं को निखारने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।

खिलाड़ियों को रोजगार और बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष बल 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। खेल उपलब्धियों के आधार पर तीन प्रतिशत कोटे के अंतर्गत अब तक 300 से अधिक खिलाड़ियों को रोजगार प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के पोषण और प्रदर्शन में सुधार के उद्देश्य से डाइट मनी में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। प्रदेश के बाहर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए डाइट मनी 500 रुपये प्रतिदिन, राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए 400 रुपये तथा जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है। वहीं, खेल छात्रावासों में प्रारंभिक शिक्षा स्तर तक के खिलाड़ियों को 250 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी प्रदान की जा रही है।

रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जहां पिछले लगभग 70 वर्षों में प्रदेश में केवल आठ खेल छात्रावास थे, वहीं वर्तमान सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाकर 11 कर दी है। उन्होंने कुपवी और नेरवा में खेल छात्रावास स्थापित करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखने की बात कही, ताकि इस क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकें। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। गत वर्ष राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 48 पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गत वर्ष राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था और इस वर्ष दिसंबर माह में भी इसका आयोजन प्रस्तावित है।

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार के प्रभावी कदम 

रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंचा है। इसी प्रकार, परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में भी प्रदेश ने 18वें स्थान से तीसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ गोवा के बाद देश का दूसरा पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि हासिल कर चुका है। यह शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

शिक्षा विभाग में भरे जाएंगे 6 हजार पद 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में शिक्षा विभाग में अब तक लगभग 9,000 पद भरे जा चुके हैं, जबकि 6,000 अन्य पद भरने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इससे शिक्षा विभाग में भरे जाने वाले पदों की कुल संख्या लगभग 15,000 तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रथम चरण में प्रदेश के 147 सरकारी विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध करने की पहल की गई है, जिनमें कुपवी विद्यालय भी शामिल है।

चौपाल विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा संबंधी कार्यों के लिए 15 करोड़ रुपये स्वीकृत 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग के माध्यम से विभिन्न कार्यों हेतु 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से विद्यालय भवनों के निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों को गति मिलेगी, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि कुपवी विद्यालय में 10 अध्यापकों के पद भरे जा चुके हैं तथा अन्य रिक्त पदों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरने के प्रयास किए जाएंगे। विद्यालय भवन की मांग पर उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सीबीएसई विद्यालयों के लिए पहले ही दो दो करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने की बात कही है। इससे विद्यालय के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। 

By admin

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