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रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने वीरवार को आईटीडीपी भवन रिकांगपिओ में तहसील कल्पा से संबंधित अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण एवं विभिन्न मामलों को लेकर परिचर्चा आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की।

आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि जनगणना 2011 के अनुसार तहसील कल्पा की कुल जनसंख्या 19,190 है, जिसमें अनुसूचित जाति की जनसंख्या 2,299 है, जो कुल जनसंख्या का 11.98 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि आयोग के गठन के बाद यह उनका 10वां जिला प्रवास है। सभी जिलों का एक बार प्रवास पूरा होने के बाद दोबारा सभी जिलों का दौरा कर समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन प्रवासों का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें आयोग के गठन के उद्देश्य, कार्यों, अधिकारों तथा उनके उत्थान के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना और उनकी समस्याएं सुनना है। उनकी समस्याओं को सुनने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण एवं उत्थान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

कुलदीप कुमार ने कहा कि आयोग अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण एवं अधिकारों के संरक्षण के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों से संबंधित मामलों पर भी कार्य करता है। प्रदेश में रहने वाले अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित व्यक्ति डाक, मौखिक रूप से अथवा ई-मेल के माध्यम से अपनी शिकायत आयोग को भेज सकते हैं। आयोग प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निपटारे के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति से संबंधित नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन तथा जिला प्रशासन द्वारा इन नीतियों को गंभीरता एवं तत्परता से लागू किए जाने की समीक्षा के लिए भी बैठकें आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।

कुलदीप कुमार ने कहा कि आयोग मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की व्यवस्था परिवर्तन की पहल को आगे बढ़ाते हुए अनुसूचित जाति समुदाय सहित समाज के जरूरतमंद वर्गों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना के तहत प्रदेश के लगभग 6,000 अनाथ एवं निराश्रित बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ घोषित किया गया है। योजना का उद्देश्य पात्र बच्चों एवं युवाओं को शिक्षा, पालन-पोषण, कौशल विकास तथा आत्मनिर्भर बनने तक आर्थिक एवं संस्थागत सहायता प्रदान करना है।

इस अवसर पर आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा, डॉ. विजय डोगरा एवं शालिनी जम्वाल ने भी अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों एवं उनके कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। आयोग के सदस्यों ने उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों एवं अन्य प्रतिनिधियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी (नागरिक) कल्पा प्रवीण भारद्वाज, जिला कल्याण अधिकारी नितिन राणा, खंड विकास अधिकारी हिमांशी शर्मा, तहसील कल्पा की विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य के प्रतिनिधि एवं अन्य लोग उपस्थित रहे। 

By admin

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