शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा भवन की सुन्दरता को निखारने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा कि सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश विधान मण्डल भवन रंग-बिरंगी रोशनी से सराबोर दिखेगा। पहाड़ों की रानी शिमला में रंग-बिरंगी रोशनी में नहाया यह भवन अलौकिक दिखेगा तथा इसकी सुन्दरता हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करेगी।
पठानिया ने कहा कि कौंसिल चैम्बर एक बेशकीमती धरोहर है, जिसे सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि इस भवन का निर्माण वर्ष 1920 में तत्कालीन ब्रिटिश हकूमत द्वारा आरम्भ किया गया था तथा 1925 में 5 वर्ष के अन्तराल में यह बनकर तैयार हुआ था। इसी भवन में पहली केन्द्रीय असैम्बली बैठी थी, जिसके प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष विठ्ठल भाई पटेल बने थे। पठानिया ने कहा कि वर्तमान में विधान सभा परिसर में कौंसिल चैम्बर, विठ्ठल भाई भवन, प्रशासनिक भवन तथा डॉ. यशवन्त सिंह परमार पुस्तकालय भवन के रूप में चार भवन विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि सभी भवनों को चौतरफा सुरक्षित करते हुए इनके स्वरूप को निखारने का कार्य अब अन्तिम चरण पर है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग विद्युत तथा इसके कार्यों से जुड़े सभी विभागों को सत्र से एक दिन पूर्व कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं ताकि सत्र के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था देखने को न मिले।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मॉनसून सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय पूरी तरह से सजग है तथा तैयार है। उन्होंने जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा प्रबन्धों की समीक्षा बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। पठानियां ने कहा कि आसन से जारी आदेशों की अक्षर:श परिपालना को सुनिश्चित करने के लिए बैठक में कड़े निर्देश दिए गए हैं। विधायकों, आगन्तुकों तथा सत्र को देखने आने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं को भी किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो सुनिश्चित किया जाए। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक एम्बुलैंस, डॉक्टर तथा पैरा मेडिकल स्टॉफ के साथ परिसर में मौजूद रहेगी।
