भाजपा पर वर्चस्व की लड़ाई का आरोप,
बोले – 15 प्रतिशत मतदाताओं के आधार पर पूरे हिमाचल का जनमत तय नहीं किया जा सकता
शिमला। हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों के चुनाव परिणामों में कांग्रेस को तीन नगर निगमों में हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी जहां इसे वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल बताते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ जनाक्रोश करार दे रही है, वहीं मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार एवं कांग्रेस नेता नरेश चौहान ने भाजपा के इन दावों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि सीमित क्षेत्रों के चुनाव परिणामों को पूरे प्रदेश का जनमत नहीं माना जा सकता।
शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी नगर निगम चुनावों के परिणामों की गंभीरता से समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि मंडी नगर निगम में कांग्रेस का कोई बड़ा राजनीतिक दांव नहीं था, जबकि धर्मशाला और सोलन नगर निगम में मुकाबला बेहद करीबी रहा। इन दोनों नगर निगमों में कांग्रेस उम्मीदवार बहुत कम अंतर से चुनाव हारे हैं, इसलिए पार्टी उम्मीदवार चयन और अन्य स्थानीय कारणों का विश्लेषण करेगी।
चौहान ने कहा कि नगर निगम चुनावों में स्थानीय मुद्दे, क्षेत्रीय नेतृत्व और विधायक की व्यक्तिगत लोकप्रियता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कई क्षेत्रों में स्थानीय नेताओं की मजबूत पकड़ और जनता के साथ उनके सीधे संबंधों का प्रभाव चुनाव परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है। उन्होंने कहा कि इन चुनावों को प्रदेशव्यापी राजनीतिक रुझान के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
भाजपा द्वारा चुनाव परिणामों को प्रदेश सरकार के खिलाफ जनादेश बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश चौहान ने कहा कि केवल चार विधानसभा क्षेत्रों के लगभग 15 प्रतिशत मतदाताओं के आधार पर पूरे हिमाचल प्रदेश का जनमत तय नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इससे पहले हुए 51 शहरी निकायों के चुनावों में कांग्रेस को बहुमत प्राप्त हुआ था, जिसे भाजपा पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों के चुनाव भी चल रहे हैं, जिनमें प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत मतदाता भाग लेते हैं। इन चुनावों के परिणाम अभी पूरी तरह सामने नहीं आए हैं। ऐसे में भाजपा द्वारा नगर निगम चुनावों के आधार पर पूरे प्रदेश में अपनी जीत का माहौल बनाने की कोशिश जल्दबाजी और राजनीतिक प्रचार का हिस्सा प्रतीत होती है।
नरेश चौहान ने कहा कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के अंतिम आंकड़े सामने आने के बाद ही प्रदेश में राजनीतिक समर्थन की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के चुनाव परिणाम भाजपा के दावों की वास्तविकता को सामने लाएंगे।
नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर के बयानों पर पलटवार करते हुए चौहान ने कहा कि भाजपा नेतृत्व अपनी आंतरिक राजनीति और वर्चस्व की लड़ाई से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के कारण भाजपा नेता चुनाव परिणामों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी चुनाव परिणामों से सबक लेकर आगे की रणनीति तैयार करेगी और स्थानीय स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि पंचायत, जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के नतीजे आने के बाद प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर भाजपा के दावों से अलग दिखाई देगी।
