शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने बुधवार को कमला नेहरू हॉस्पिटल में 24 घंटे का धरना शुरू कर दिया है। समिति प्रदेश सरकार द्वारा अस्पताल की गायनी ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में शिफ्ट करने के फैसले का लगातार विरोध कर रही है।
महिला समिति का आरोप है कि सरकार का यह निर्णय पूरी तरह महिला विरोधी है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
समिति ने बताया कि 13 अप्रैल को भी इस मुद्दे को लेकर कमला नेहरू अस्पताल में जोरदार प्रदर्शन किया गया था, लेकिन उसके बावजूद सरकार ने अपना रुख नहीं बदला। प्रदर्शन के दो दिन बाद मुख्यमंत्री द्वारा यह बयान दिया गया कि केवल गायनी वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट किया जा रहा है, न कि मातृ एवं शिशु ओपीडी को। समिति के मुताबिक सरकार का तर्क है कि कमला नेहरू अस्पताल में पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है, जिसके चलते यह बदलाव किया जा रहा है। हालांकि महिला समिति ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि सरकार को अस्पताल में सुविधाएं बढ़ानी चाहिए थीं, न कि उसे कमजोर कर आईजीएमसी और चम्याना की ओर स्थानांतरित करना चाहिए।

समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान का कहना है कि कमला नेहरू अस्पताल प्रदेश का एकमात्र मातृ एवं शिशु अस्पताल है, जहां दूर-दराज़ क्षेत्रों से महिलाएं बड़ी मुश्किलों से इलाज के लिए पहुंचती हैं। उनका तर्क है कि गायनी मरीजों को विशेष देखभाल और अनुकूल वातावरण की जरूरत होती है, जिसमें धूप और साफ-सुथरा माहौल अहम है। आईजीएमसी में शिफ्ट होने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और भीड़भाड़ के कारण महिलाओं को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
चौहान ने यह भी कहा कि महिलाओं को एक ही स्थान पर समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए, जबकि आईजीएमसी में पहले से ही भारी संख्या में विभिन्न बीमारियों के मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिससे वहां अत्यधिक भीड़ भी रहती है। उन्होंने कहा कि गायनी ओपीडी को तत्काल आईजीएमसी से वापस कमला नेहरू अस्पताल लाया जाए और अस्पताल में पहले की तरह बेहतर सुविधाओं के साथ उपचार व्यवस्था बहाल की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो 30 अप्रैल को आईजीएमसी में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा और उसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे प्रदेश की महिलाओं को लामबंद कर सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
वहीं, महिला समिति की जिला कमेटी ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस मुद्दे पर उचित निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बुधवार सुबह 11 बजे शुरू हुआ यह धरना वीरवार सुबह 11 बजे तक जारी रहेगा, जिसके बाद आगामी रणनीति की घोषणा की जाएगी।
इस धरने में सोनिया शबरवाल, फालमा चौहान, रमा रावत, हिम्मी ठाकुर, रंजना जैरेट, सुनिधि, दिव्या शर्मा, शारदा शर्मा, पलक शांडिल, दीपा, डॉली, माला, सावित्री सहित कई महिलाओं ने भाग लिया।
