शिमला। प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर के पुरबनी गांव में शुक्रवार को आग लगने से सात घर इसकी चपेट में आ गए। जो घर आग की चपेट में आए हैं, वे लकड़ी के बने थे और काष्ठकुणी शैली के बने थे। आग लगने की इस घटना में करोड़ों रूपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को दोपहरबाद अचानक आग लग गई। आग कैसे लगी, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। आग गांव के बीच में लगी है और इस कारण नुकसान के बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोग तुरंत आग बुझाने में जुट गए।
वहीं, आग लगने की सूचना मिलते ही रिकांगपिओ से प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें घटना स्थल पर पहुंची और आग बुझाने में लग गई। बताया जाता है कि आग लगने से गांव के नव निर्मित मंदिर के एक हिस्से को भी नुकसान हुआ है। वहीं, अन्य घरों के भी आग की चपेट में आने की संभावना है। आग लगने के कारणों का अभी पता नही चल पाया है।
उधर, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जिला किन्नौर के पुरबनी गांव में आगजनी की घटना पर दुःख व्यक्त किया है। इस घटना में सात घर जल कर राख हो गए। जय राम ठाकुर ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को फौरी राहत और पुनर्वास के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने जिला वरिष्ठ अधिकारियों सहित मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को 10-10 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की है।
