शिमला। कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ पुलिस और प्रशासन के दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि वह छात्रों की आवाज को दबने नही देंगे। उन्होंने छात्रों की मांग को जायज ठहराते हुए कहा है कि छात्र हित की आवाज वह स्वयं विधानसभा के अंदर व विश्वविद्यालय में जाकर भी उठाएंगे।
मीडिया के साथ बातचीत करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश विश्वविद्यालय आरआरएस की राजनीति का अखाड़ा बन कर रह गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय जो कभी देश के अन्य विश्वविद्यालय से ऊपर अपनी उच्च गुणवत्ता को जाना जाता था, उसकी आज साख गिरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज विश्वविद्यालय में योग्यता को दरकिनार किया जा रहा है। उनका कहना था कि प्रदेश विश्वविद्यालय में नाभा या नागपुर के आदेश चल रहे हैं जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसने रोहतांग टनल को भी राजनीति का अखाड़ा बना दिया है। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में कांग्रेस का बहुत बड़ा योगदान है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश में विकास के बड़े-बड़े दावे कर लोगों को गुमराह करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अटल टनल को लेकर जिस प्रकार के बड़े-बड़े होल्डिंग लगाए गए हैं, वह बताए कि इस टनल निर्माण में उनका क्या योगदान है।
पांच काम गिनवाए सरकार, जो शुरू करके पूरे किए
विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश सरकार से पूछा कि वह अपने कोई पांच ऐसे काम बता दे जो उसने प्रदेश में शुरू किए और उन्हें पूरा कर दिया हो। उन्होंने सरकार से पूछा कि वह बताए उस इंवेस्टरमीट का क्या हुआ, जिसमें करोड़ो के निवेश की बात कही गई थी। उन्होंने शिमला के पीटरहॉफ में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रूपए खर्च के बाद भी प्रदेश में कोई नया प्रोजेक्ट नहीं लगा। उन्होंने इसे एक विफल आयोजन करार दिया।
