संयुक्त संघर्ष समिति ने तपोवन विधानसभा में मंत्रियों के घेराव की घोषणा की
शिमला। हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति ने राज्य सरकार पर पेंशनर्स की समस्याओं की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाते हुए 28 नवंबर को धर्मशाला (तपोवन) में विशाल आक्रोश रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। समिति के अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गंगा राम शर्मा, मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी, प्रेस सचिव लायक राम शर्मा, जिला अध्यक्ष भाग चंद चौहान, जिला संयोजक मोहन ठाकुर, सह-संयोजक बुद्धि राम जस्टा तथा महिला विंग की प्रमुख हेम प्रभा चौहान ने शिमला से संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिला शिमला के 13 ब्लॉकों, शिमला शहरी और रामपुर ब्लॉक से करीब 1200 पेंशनर्स इस रैली में भाग लेंगे।
इन नेताओं ने कहा कि 28 नवंबर को तपोवन विधानसभा परिसर में मंत्रियों का घेराव किया जाएगा। समिति द्वारा सरकार को पहले ही 14 सूत्रीय मांग पत्र भेजा जा चुका है, जिसमें 18 संगठनों की सामूहिक मांगों का उल्लेख है। इसके बावजूद, सरकार द्वारा अब तक पेंशनर्स को वार्ता के लिए न बुलाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि सरकार की न नीयत ठीक है और न नीति। नेताओं ने बताया कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को आज तक संशोधित लीव इनकैशमेंट, कॉम्युटेशन, ग्रेजुएटी, 13 प्रतिशत डीए, तथा पिछले तीन वर्षों से चिकित्सा बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। इन मुद्दों के कारण पेंशनर्स में भारी आक्रोश व्याप्त है और वे आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
इन नेताओं ने यह भी कहा कि कुछ स्वयंभू लोग अपनी नेता गिरी चमकाने के लिए सरकार को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन पेंशनर्स ने ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उन्होंने कहा कि ये मुट्ठीभर लोग सरकार के चक्कर लगाकर अपना राजनीतिक हित साधना चाहते हैं, लेकिन उनके मनसूबे कभी पूरे नहीं होने दिए जाएंगे।
संयुक्त संघर्ष समिति ने सरकार से आग्रह किया है कि पेंशनर्स की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र ही जे.सी.सी. की बैठक बुलाई जाए।
