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शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को जिला मंडी के आपदा प्रभावित थुनाग और जंजैहली क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और प्रभावित लोगों को स्वयं राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री सेना के हेलीकॉप्टर से सरकाघाट से थुनाग के रैन गलू हैलीपैड पहुंचे, जहाँ उन्होंने प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

यदि रैन गलू हैलीपैड पर उनकी हेलीकॉप्टर टेक आफ में पांच मिनट की भी देरी होती, तो खराब मौसम के चलते उड़ान संभव नहीं हो पाती और वह वहीं फंस सकते थे। उन्हें सूचना मिली थी कि थुनाग क्षेत्र का सड़क संपर्क कट गया है और वहां खाद्य सामग्री समाप्त हो चुकी है। ऐसी स्थिति में उन्होंने जिला प्रशासन को तुरंत हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए। थुनाग और जंजैहली उप-मंडल में हाल ही में बादल फटने की घटनाओं के कारण सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाने की कार्रवाई प्रारंभ की गई है।

जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई 1000 राहत किटों में आटा, चावल, दाल, तेल, नमक तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। आज की हवाई राहत कार्रवाई के तहत कुल 172 राहत किट वितरित की गईं, जिनमें से 90 किटें रैन गलू हैलीपैड पर तथा 82 किटें जंजैहली क्षेत्र में पहुंचाई गईं। इसके अतिरिक्त, थुनाग उप-मंडल में संचार व्यवस्था बहाल करने के लिए एक वी-सैट संचार पोर्टल को पुलिस कर्मियों के साथ हवाई मार्ग से भेजा गया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों के साथ संपर्क स्थापित किया जा सके।

स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत शिविरों की स्थापना की गई है, जिनमें से एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय, थुनाग में संचालित किया जा रहा है। यहाँ वर्तमान में 200 से अधिक प्रभावित लोगों ने शरण ली है और उन्हें भोजन, दवाइयाँ एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री प्रातः 9 बजे नादौन से प्रस्थान कर सड़क मार्ग से मंडी जिला के धर्मपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावितों से बातचीत की। उसके बाद उन्होंने सरकाघाट में मूसलाधार बारिश से हुए प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। 

By admin

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