शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कृषि ट्यूबवेल कनेक्शनों की बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी के फैसले का भारतीय किसान यूनियन ने कड़ा विरोध किया है। यूनियन ने इसे किसान विरोधी कदम बताते हुए तीखी आलोचना की है।
भारतीय किसान यूनियन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष अनिंदर सिंह पंधेर (नॉटी) ने कहा कि यह पहला ऐसा फैसला है जिसे किसी भी कांग्रेस या गैर-भाजपा शासित राज्य ने किसानों के खिलाफ लिया है। उन्होंने याद दिलाया कि यही कांग्रेस पार्टी किसानों की सहानुभूति और हितों की बात कर सत्ता में आई थी, लेकिन अब तक गारंटी के अनुरूप कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
पंधेर ने कहा कि इस फैसले का सबसे अधिक असर मैदानी क्षेत्रों के उन किसानों पर पड़ेगा, जिन्होंने पुराने नहर तंत्र की बदहाली के चलते भारी खर्च कर बोरवेल लगवाए हैं। इस बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ जाएगी।
यूनियन ने ऐलान किया है कि जब तक यह बिजली दर वृद्धि वापस नहीं ली जाती, तब तक वे बिजली विभाग को खेतों में मीटर रीडिंग के लिए प्रवेश नहीं करने देंगे। साथ ही मुख्यमंत्री से अपील की गई है कि वे इस नोटिफिकेशन पर पुनर्विचार कर इसे रद्द करें।
पंधेर ने कहा किनभारतीय किसान यूनियन ने इस मुद्दे पर अपने केंद्रीय नेतृत्व राकेश टिकैत को अवगत करा दिया है, जो कांग्रेस नेतृत्व विशेषकर राहुल गांधी से इस विषय पर बात करेंगे, क्योंकि यह फैसला कांग्रेस की कृषि नीति और वादों के खिलाफ है।
