शिमला। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम संघ ने निगम के अध्यक्ष आरएस बाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष के पास निगम को चलाने का न तो समय है और न ही वह कर्मचारियों की समस्याओं पर कोई ध्यान दे रहे हैं। संघ ने आरोप लगाया कि निगम के घाटे में जाने का मुख्य कारण भी अध्यक्ष हैं, क्योंकि वह निगम को समय ही नहीं दे पा रहे हैं।
शनिवार को यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में निगम कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि वह एचपीटीडीसी की बागडोर अपने हाथों में ले ताकि निगम को बेहतर तरीके से चलाया जा सके। संघ के मुताबिक होटलों को बंद करने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करेंगे। जहां पर वह होटलों की वास्तुस्थिति से कोर्ट को अवगत करवाएंगे। उन्होंने निगम के चेयरमैन को बदलने की भी मांग उठाई।
भारतीय मजदूर संघ के प्रभारी एवं निगम से सेवानिवृत दावेराम चौहान ने इस दौरान कहा कि निगम कर्मचारी और पेंशनर ने कई बार चेयरमैन से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मिलने का समय ही नहीं दिया। इतना ही नहीं, जब संघ के पदाधिकारी उनसे मिलने उनके घर गए तो वहां पर भी यह कहा गया कि वह यहां पर क्यों आए हैं।
निगम कर्मचारी संघ ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन होटलों को घाटे में बताया जा रहा है, वह घाटे में नहीं है। इसको लेकर गलत आंकड़े पेश किए गए हैं। उन्होंने इसके पीछे एक गहरी साजिश का अंदेशा जताया, ताकि इन होटलों को प्राइवेट हाथों में दिया जा सके। कर्मियों ने 5 नवंबर को हुई पर्यटन निगम की बीओडी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक इस बीओडी के निर्णय तक कर्मचारियों को नहीं बताए गए हैं। उन्होंने कहा कि बीओडी में जब अध्यक्ष पहुंचे थे तो उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने की बजाय निगम के होटलों को निजी हाथों में सौंपने की पैरवी की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि एडीबी से जो पैसा होटलों के रखरखाव के लिए आया था, उसे भी सरकार ने वापिस ले लिया था। बता दें कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने पर्यटन विकास निगम में नगरोटा बगवां से विधायक आरएस बाली को कैबिनेट रैंक के साथ निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
नगरोटा विधानसभा क्षेत्र से ही लगा दिए 70 युवा
दावेराम चौहान ने कहा कि कर्मचारियों ने आरएस बाली से स्टाफ की मांग की, लेकिन आरएस बाली ने अपने ही चुनाव क्षेत्र के 70 लोग होटल में भर्ती कर दिए। उन्होंने कहा कि सभी भर्ती स्टॉफ ऐसा है जिसे गेस्ट को पानी सर्व करना तक नहीं आता। उन्होंने कहा कि क्या और 67 विधानसभा क्षेत्र में कोई भी ऐसा युवा नहीं था जो निगम के होटलों मेें रोजगार के लिए पात्र था। ऐसे में इस पर भी जांच होनी चाहिए।
शेष 9 होटलों को खोलने का आग्रह: राज कुमार
उधर, पर्यटन विकास निगम संघ के महासचिव राज कुमार ने प्रदेश हाईकोर्ट से शेष 9 होटलों को खोलने का आग्रह किया है। उन्होंने इस दौरान घाटे के कारण भी गिनाए। उन्होंने कहा कि पेंशनरों की देनदारियों को समय पर चुकता न करने से यह स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने निगम प्रबंंधन से आग्रह किया कि वह पेंशनरों की देनदारियों को क्लीयर करे, ताकि होटल सुचारू रूप से चल सके।
दो लाख रुपए तो गेट एंट्री से ही आते हैं चायल होटल में
पर्यटन विकास निगम संघ का कहना है कि जिस चायल होटल को घाटे में दिखाया गया है उसमें दो लाख रुपए तो केवल गेट एंट्री से ही निगम के खाते में आते हैं। इतना ही नहीं, कर्मियों का कहना था कि एचपीटीडीसी की एक मात्र ऐसा निगम है जो सबसे ज्यादा टैक्स सरकार को हर साल देता है। करीब 20 करोड़ रुपए यह टैक्स बनता है। ऐसे में कैसे निगम घाटे में हो सकता है।
