मनाली। 16580 फीट उंचे शिंकुला दर्रे में स्थानीय वाहनों की आवाजाही सुचारू हो गई है। 18 अप्रैल को दर्रे में हिमपात होने से जंस्कार से मनाली आए वाहन फंस गए थे। 10 दिन मनाली फंसने के बाद जंस्कार के वाहन चालक घर रवाना हुए। शनिवार को भी मौसम साफ रहने के चलते शिंकुला दर्रे में स्थानीय वाहनों की आवाजाही सुचारू रही।
बीआरओ के मुताबिक दर्रे में बर्फ के 20 फीट से अधिक उंचे ढेर लगे हैं जिस कारण कुछ दिन वाहनों की आवाजाही एक तरफा रहेगी। बीआरओ ने दर्रे को बहाल करने के बाद सड़क किनारे लगे बर्फ के ढेर को हटाना शुरु कर दिया है। लेह, लद्दाख व कारगिल के लोग भी शिंकुला होते हुए मनाली आ रहे हैं। उन्हें बारालाचा दर्रे की बहाली का इंतजार है। बीआरओ बारालाचा दर्रे की बहाली में जुटा हुआ है। मनाली शिंकुला जंस्कार मार्ग बहाली व सड़क निर्माण का कार्य बीआरओ की योजक परियोजना के पास है, जबकि मनाली सरचू लेह मार्ग की देखरेख का जिम्मा मनाली से सरचू तक दीपक परियोजना व सरचू से लेह तक हिमांक परियोजना के हवाले है। बीआरओ की सभी परियोजना अपने अपने क्षेत्र में सड़क कार्य में जुटी हुई है। दूसरी ओर पर्यटकों को दर्रे के दीदार को अभी इंतजार करना होगा।
दारचा निवासी दोरजे का कहना है कि हाल ही में हुए भारी हिमपात के बाद शिंकुला व बारालाचा दर्रे में बर्फ के ढेर लगे हैं। सैलानियों के लिए दर्रों के बहाल होते ही दर्रों के सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ेगी।
