शिमला। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व विधायक विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राज्य की समस्याओं को सुलझाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।उनका कहना है कि सरकार का विरोध करने वालो पर झूठे व देशद्रोह जैसे संगीन मामले बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार देश की आवाज को नहीं दबा सकती। देश में लोकतंत्र है, इसलिए तानाशाही ज्यादा समय तक नहीं चल सकती।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश विकास के मामले में पिछड़ता जा रहा है। अढ़ाई साल के इस कार्यकाल में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश के लिए कोई भी ऐसी योजना नहीं ला सकी है। उन्होंने कहा कि चुनावों के समय प्रदेश को 65 राष्ट्रीय राज मार्गों की बड़ी-बड़ी बातें कही गई। उन्होंने इसे चुनावों में भुनाया भी और इसका पूरा राजनैतिक लाभ लिया।उन्होंने भाजपा से जानना चाहा है कि वे राष्ट्रीय राज मार्ग अब कहां गायब हो गए हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भाजपा सांसद प्रदेश में रेल विस्तार की भी ढींगे मारते रहे, यह भी आज दिन तक वहीं की वहीं खड़ी है। न तो प्रदेश के सांसद ही प्रदेश को कुछ ला सके हैं और न ही प्रदेश सरकार इनका कोई लाभ ले सकी है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार कोविड-19 के चलते प्रदेश के लोगों को कोई भी राहत नहीं दे सकी है। उल्टे इस सरकार ने लोगों पर डीज़ल व पेट्रोल के मूल्य बढ़ा कर उन्हें मंहगाई परोस दी है। उन्होंने कहा कि किसानों, बागवानों की अनदेखी की जा रही है। कारोबारियों को कोई योजना नहीं है।बेरोजगारी की कोई चिंता भी नहीं है। उनका कहना था कि ऐसा लगता है कि सरकार ने सब कुछ राम भरोसे छोड़ दिया है।
विक्रमादित्य सिंह ने प्रशासन को चेताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जिन कार्यो को उन्होंने अपनी विधायक निधि से पैसा दिया है, उन्हें जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के नाम पर जो अधिकारी विकास कार्यों को किसी भी प्रकार से प्रभावित व रोकने का काम कर रहे हैं, वह सही नहीं होगा। इसके लिए वह विशेषाधिकार हनन का मामला भी बना सकते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए जाएं कि जो पैसा जिस कार्य के लिए स्वीकृत किया गया है, वह उसी पर खर्च होना चाहिए।
