शिमला। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने जिले के सभी एसडीेेएम को निर्देश दिए कि भूस्खलन के संवेदनशील स्थान चिन्हित करें। साथ ही कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करें, ताकि आपदा के समय पर्याप्त मात्रा में लेबर व मशीनरी उपलब्ध हो। वे सोमवार को वर्चुअल माध्यम से जिला के समस्त उपमण्डलाधिकारियों से मानसून की तैयारियों के संदर्भ में बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उपायुक्त ने सेब सीजन के मध्यनज़र सड़कों एवं सम्पर्क मार्गों को दुरुस्त रखने के आदेश दिए, ताकि समय पर बागवानों के उत्पाद फल मण्डी में पहुंच सके और उन्हें कोई नुकसान न हो। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नालियों व नालों की सफाई सुनिश्चित करवाएं, ताकि मानसून के समय लोगों को कोई दिक्कत महसूस न हो। उपायुक्त ने खण्ड विकास अधिकारियों, पंचायत सचिवों व पंचायत जन प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपनी पंचायतों में पेयजल स्त्रोतों एवं बावड़ियों की सफाई सुनिश्चित करवाएं और पंचायत में उपलब्ध टेस्टिंग किटों का पेयजल की गुणवत्ता निर्धारित करने में प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि दूषित पानी से पीलिया व आंतरशोध जैसी बीमारियां उत्पन्न होती है और क्लोरीनेशन के महत्व पर बल दिया।
आदित्य नेगी ने समस्त उपमण्डलाधिकारियों से सेब की ढुलाई के संदर्भ में ट्रक यूनियन व पिकअप यूनियन से भाड़ा सुनिश्चित करने को कहा और हितधारकों के हितों की रक्षा करने पर बल दिया, ताकि ट्रक ऑपरेटरों द्वारा भाड़े में मनमानी संभव न हो सके। उन्होंने आपदा के दौरान तुरन्त फील्ड रिपोर्ट और फौरी राहत तत्काल प्रभाव से देने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावितों को राहत मिल सके।
अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) राहुल चौहान ने बैठक का संचालन किया और समस्त उपमण्डलाधिकारियों से संवाद स्थापित किया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकाॅल) सचिन कंवल, उपमण्डलाधिकारी ग्रामीण निशांत ठाकुर, जिला सूचना अधिकारी पंकज गुप्ता व अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
