शिमला। अग्निपथ योजना के खिलाफ हिमाचल प्रदेश किसान सभा ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की इस योजना का जमकर विरोध किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह योजना युवाओं के खिलाफ है और इससे युवाओं का भविष्य और अंधकारमय होगा। साथ ही देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ होगा। उधर, किसानसभा ने यहां अतिरिक्त उपायुक्त शिमला शिवम प्रताप सिंह के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन भेजकर अग्निपथ योजना को निरस्त करने की मांग की।
किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि अग्निपथ देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ और युवाओं के साथ विश्वासघात है। डॉ. तंवर ने आरोप लगाया कि केंद्र की एनडीए सरकार देश के युवाओं से साथ दोहरा विश्वासघात कर रही है। एक तरफ सेना भर्ती की पूरी प्रक्रिया पास कर चुके युवाओं को भर्ती न देकर उनके साथ धोखा किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर अग्निपथ जैसी सेना भर्ती योजना लाकर देश के अन्य बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को एनडीए सरकार ने ताक पर रख दिया है तथा राष्ट्रीय सुरक्षा का बजट को 17.8 प्रतिशत से वर्ष 2021-22 में घटाकर 13.2 प्रतिशत किया, जो चिंताजनक है।
डॉ. तंवर ने कहा कि विचारणीय विषय यह है कि नौकरी से निकल जाने के बाद ये युवा किसकी चाकरी करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन से मात खाए केंद्र सरकार अब किसानों के बच्चों से बदला ले रही है। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ किसानसभा का समर्थन देते हुए चेतावनी दी कि अगर निर्णय वापिस न लिया गया तो देशभर में आंदोलन तेज होगा।
किसान सभा के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद ने कहा कि केन्द्र सरकार नवउदारवाद की नीतियों को लागू करते हुए देश में सैनिकों की संख्या कम करना चाहती है। उन्होंने कहा कि दोनों ही परिस्थियों में यह देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि अगर यह योजना अपने वर्तमान स्वरूप में लागू होती है तो आने वाले 15 वर्षों में हमारे सैन्य बलों की संख्या आधी या उससे भी कम रह जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की जनता को मुख्य मुद्दों और समस्याओं से भटकाने और उलझाने के लिए केंद्र सरकार ऐसे फरमान जारी करती है।
उधर, संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य संजय चौहान ने जानकारी दी कि संयुक्त किसान मोर्चा इस योजना की भर्ती की शुरुआत के दिन 24 जून को राष्ट्रीय विरोध दिवस के तौर पर मनाने का फैसला लिया है। इस मौके पर किसानसभा के सचिव क्षेत्रीय कमेटी जयशिव ठाकुर, राज्य वित सचिव सत्यवान पुंडीर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
