शिमला। सभी विभागों के तहत किसी कारणवंश विगत 20 वर्षों से खर्च नहीं की गई राशि का ब्यौरा प्रमुखता के आधार पर एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन को देना सुनिश्चित करें, ताकि उसका उपयोग अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों में किया जा सके। शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने यह निर्देश आज बचत भवन में जिला के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकासात्मक एवं आर्थिक गतिविधियों के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों के तहत मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं तथा शिलान्यासों के कार्यों में प्रगति लाई जाए ताकि जल्द से जल्द लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत सभी विभागों में पूर्ण हुए कार्यों की सूचना भी जल्द उपलब्ध करवाई जाए ताकि विकास कार्यों का मुख्यमंत्री से आॅनलाईन शिलान्यास अथवा लोकार्पण करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कार्य निष्पादन में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा अनियमितता पाए जाने पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने विभिन्न विभागों से अलग-अलग मदों पर न खर्च हुई राशि का सिलसिला बार सम्पूर्ण विवरण प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि विभाग इस संबंध में जल्द रिपोर्ट दें ताकि उस फंड को किसी ओर क्षेत्र में परिवर्तित कर कार्य पूर्ति की जा सके। उन्होंने कहा कि यह राशि उसी विधानसभा में खर्च की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोरोना संकटकाल में विकास की गति को जारी रखने के लिए विभिन्न विभागों के पास लम्बे समय से व्यय न हुए धन का ब्यौरा एकत्र करने के लिए कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया है। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में यह कमेटी राज्य स्तर पर विभिन्न विभागों से गहन चर्चा व बैठकें कर नहीं खर्चे हुए पैसे का ब्यौरा एकत्र कर रही है, जिसे बाद में मंत्रिमण्डल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सेब सीजन शुरू होने वाला है जिसके लिए जिला की सड़कों की मुरम्मत करने की आवश्यकता है। इस संदर्भ में संबंधित अधिकारियों को आदेश भी दिए गए हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के कार्यों की निरंतरता को जारी रखने तथा ग्रामीण जनता की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा के तहत किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले मनरेगा में दोगुने कार्य दिवस अर्जित किए गए तथा पैसा भी ज्यादा खर्च किया गया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान बाहर से जो लोग वापिस आए हैं वह यदि अपने कार्य क्षेत्र में काम करने के इच्छुक नहीं है तो कौशल विकास निगम के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में उनका प्रशिक्षण करवाया जाए ताकि वह किसी और कार्य को अपनाकर अपना जीवन यापन कर सके। उन्होंने कार्यों में आ रही बाधाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी भी ली।
उपायुक्त अमित कश्यप ने बैठक के दौरान जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए कार्योें की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में विकास कार्यों को गति देने के लिए जो सुझाव व आदेश मंत्री द्वारा जारी किए गए हैं उसका पूरा पालन कर कार्यों को सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीर ठाकुर, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी प्रोटोकाॅल संदीप नेगी, विशेष कार्यकारी अधिकारी मामराज पुंडिर, बागवानी, स्वास्थ्य, कृषि, कल्याण, लोक निर्माण, जल शक्ति, पर्यटन, शिक्षा, पशुपालन, नगर निगम एवं अन्य विभागों से अधिकारीगण उपस्थित थे।
