रिकांगपिओ। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा है कि सत्ता में काबिज होने पर कांग्रेस सबसे पहले पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करेगी। उन्होंने किन्नौर जिले के रिकांगपिओ में भाजपा सरकार को जमकर घेरा। इससे पहले प्रतिभा सिंह का रिकांगपिओ पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया। प्रतिभा सिंह ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ रिकांगपिओ के पेट्रोल पंप से बाजार होते हुए पंजाब नेशनल बैंक और बचत भवन तक रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। जिले भर के कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया।
बचत भवन में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि देने के बाद जिला कांग्रेस की बैठक शुरू हुई। विधायक जगत सिंह नेगी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमेश नेगी, युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष निगम भंडारी, किन्नौर कांग्रेस प्रभारी केहर सिंह खाची, ललिता पंचारस, प्रताप नेगी और डॉ. सूर्य बोरस सहित अन्य नेता मौजूद रहे। बैठक में प्रतिभा सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार में संलिप्त है। भाजपा सरकार के राज में पीपीई किट घोटाला और पुलिस भर्ती का पेपर लीक घोटाला हुआ है। इसका असर युवाओं पर पड़ा है। सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही सरकार को विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता बाहर का रास्ता दिखाएगी। उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस की सरकार बनते ही पुरानी पेंशन योजना को बहाल कर एनपीएस कर्मचारियों को राहत दी जाएगी।
प्रतिभा सिंह ने कहा कि साढ़े चार वर्ष भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। कहीं पेपर लीक मामला सामने आया तो कहीं भाजपा नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिवंगत वीरभद्र सिंह जब मुख्यमंत्री थे तो उनके पास बहुत लोग आकर कहते थे कि हम भूमिहीन हैं, हमारे पास जगह जमीन नहीं है तो उन्होंने नौतोड़ से भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध करवाई। कांग्रेस सरकार सत्ता में आएगी तो इसका फिर लोगों को लाभ दिया जाएगा।
उधर, मीडिया से बातचीत में प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शिमला दौरे से उम्मीद थी कि वह हिमाचल के लिए आर्थिक पैकेज और अन्य कोई विशेष घोषणा करेंगे, लेकिन वह जनता को निराश कर चले गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर 70 हजार करोड़ का कर्ज है। मुख्यमंत्री को भी प्रधानमंत्री से विशेष आर्थिक पैकेज की मांग करनी चाहिए थी। हैरानी की बात है कि मुख्यमंत्री ने भी प्रधानमंत्री से किसी तरह के आर्थिक पैकेज की मांग नहीं की। सरकार ने प्रदेश के अन्य जिलों में विकास कार्यों को गति नहीं दी। जिला किन्नौर में भी विकास कार्य ठप हैं।
