शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने हिमाचल प्रदश विश्विद्यालय कर्मचारी संगठनों के उस विरोध को जायज ठहराया है, जिसमें वाईस चांसलर ने फ़ैकल्टी स्टाफ की शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि एक तरफ देश के गृह मंत्रालय ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, विश्विद्यालयों को कोविड-19 के चलते जुलाई माह तक बंद रखने के दिशा निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश विश्विद्यालय इसके विपरीत चला हुआ है, जिसने 1 मई से ही इसे खोलने के फरमान जारी किए हैं।
कुलदीप सिंह राठौर ने आज यहां कहा कि ऐसा लगता है कि प्रदेश सरकार के अपने ही कायदे कानून हैं। उनका कहना था कि प्रदेश विश्विद्यालय को ऐसे समय पर, जबकि देश में सभी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक है, के खोले जाने के पीछे वीसी की क्या मंशा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से भी जानना चाहा कि देश के गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों को नजरअंदाज करने के पीछे एचपीयू के वीसी का क्या मकसद है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या वह देश के गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों को नहीं मानती। राठौर ने वाईस चांसलर की किसी भी कथित मनमर्जी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विश्विद्यालय एक स्वायत संस्थान है, जिसकी स्वायतता पर सरकार का कोई भी दबाव सहन नहीं किया जा सकता।
