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शिमला। देव संस्कृति हिमाचल प्रदेश की विशेषता है और प्रदेशवासियों की देव समाज व देव-देवताओं में अगाध श्रद्धा है। प्रदेश सरकार राज्य की समृद्ध संास्कृतिक विरासत एवं परम्पराओं को संजोए रखने के लिए वचनबद्ध है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को कुल्लू जिला के बंजार विधानसभा क्षेत्र के तहत सराहन गांव में श्री पुंडरिक ऋषि के नए रथ की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को शिमला से दूरभाष पर दिए अपने सन्देश में कही। मुख्यमंत्री को इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना था, लेकिन किन्हीं अपरिहार्य कारणों से वह वहां नहीं जा सके। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की देवता पुंडरिक ऋषि में असीम श्रद्धा है तथा उन्हें भगवान विष्णु का रूप माना जाता है। उन्होंने कहा कि एक जनश्रुति के अनुसार ग्राम दोगली के निकट सराहरी सरोवर के पास ऋषि लम्बे समय तक तपस्या में लीन रहे और भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन देकर वैकुण्ठ धाम आने का निमंत्रण दिया तथा साथ ही साथ इस स्थान को वैकुण्ठ धाम से नाम से अभिभूत किया।जयराम ठाकुर ने कहा कि आज बनोगी, सैंज में लगभग 47 लाख रुपए की लागत से निर्मित वन विभाग के विश्राम गृह का भी लोकार्पण किया गया है, जिसके लिए उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस विश्राम गृह के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर श्री पुंडरिक ऋषि मेला मैदान में विधायक बंजार सुरेन्द्र शौरी, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, ब्रिगेडियर कुशाल ठाकुर, भाजपा जिला अध्यक्ष भीम सेन, मण्डल अध्यक्ष बलदेव महन्त, प्रदेश कार्यकारणी सदस्य बनवारी लाल, जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष नवल नेगी, प्रधान बनोगी इन्दिरा देवी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे, जबकि उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे। 

By admin

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