शिमला। जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत छाजटा ने कनलोग में तेंदुए का शिकार बनी 5 साल की बच्ची के निधन पर दुःख प्रकट करते हुए सरकार की ओर से तुरंत परिवार को कोई आर्थिक सहायता न दिए जाने की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज द्वारा मात्र पांच हजार की नकद सहायता पीड़ित परिवार के साथ एक भद्दा मजाक है।छाजटा ने आज यहां कहा कि इस क्षेत्र में पहले से ही तेंदुए का खौफ लोगों में था और इस बारे प्रशासन को अवगत भी करवाया गया था। प्रशासन ने समय रहते इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, परिणामस्वरूप एक अबोध बच्ची इस तेंदुए का शिकार बन गई। उन्होंने कहा कि अगर इस क्षेत्र में फेंसिंग करवाई होती तो यह हादसा न होता। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने मंत्री से मिलकर इसकी मांग की थी, पर शहरी आवास मंत्री ने इसे ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए यहां वीडियो कैमरे लगाए जाने बहुत ही जरूरी है, जिससे आगे इस प्रकार का कोई हादसा पेश न आये। उन्होंने कहा कि ऐसी सुरक्षा होने से यहां असामाजिक तत्वों पर भी अंकुश लगेगा।यशवंत छाजटा ने प्रशासन से इस आदमखोर तेंदुए को तुरंत पकड़ने और पीड़ित परिवार को राहत मैनुअल के तहत 4 लाख की तुरंत आर्थिक मदद देने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में खूंखार जंगली जानवरों के भय से लोगों को मुक्त किया जाना चाहिए। इसके लिए वन विभाग की ओर से विशेष निगरानी दस्ता नियुक्त किया जाना चाहिए। अब तक इस क्षेत्र में तीन बार ऐसे हमले हो चुके हैं।उधर, जिला कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष चंद्र मोहन चंदेल ने भी इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए कहा है कि वन विभाग का यह कहना कि उनके पास राहत मैनुअल में अभी उनके पास पीड़ित परिवार को देने के लिये कोई पैसा नही है,बहुत ही गैर जिम्मेदाराना बयान है। उन्होंने कहा है कि इस आदमखोर तेंदुए को जल्द पकड़ा जाना चाहिए, जिससे क्षेत्र के लोग भय मुक्त हो सके।
