शिमला। शिमला जिले के कसुम्पटी ब्लाॅक कांग्रेस के अध्यक्ष रामकृष्ण शांडिल्य ने बढ़ती महगाई पर सरकार को घेरा है। उन्होंने जारी बयान में कहा कि कोरोना संकटकाल के बीच डिपुओं में मिलने वाली दालों के दाम बढाया जाना जनता पर जबरन महंगाई थोपने जैसा है। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस दौर में आम जनता पहले ही आर्थिक तंगहाली का सामना कर रही है, वहीं अब सरकार ने डिपुओं में मिलनी वाली दालों के दाम 5 से 16 रुपए तक बढ़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कि चना दाल जो जो बीपीएल परिवारों को पहले 40 रुपए प्रति किलो के हिसाब से मिल रही थी, अब उसके 45 रुपए देने पड़ रहे हैं। इसी तरह मलका की दाल के दाम में सीधे 10 रुपए बढ़ा दिए है।
शांडिल्य ने कहा कि दालों के नए स्टाक के साथ भी रेट बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता सरकार से राहत की उम्मीदें रखती है, जबकि सरकार इस दौर में उनकी मुसीबत बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सूचना यह भी है कि कुछ डिपुओं में माह और मूंग की दाल उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार दालों के बढ़ाए गए दाम को वापस ले और सस्ते राशन की दुकानों में मिलनी वाली खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पूर्व में वीरभद्र सरकार ने आम जनता को सस्ते दरों में राशन देने के लिए यह योजना शुरू की थी, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार इसी दिशा में गंभीर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए आम जनता को राहत प्रदान करेंगे। शांडिल्य ने कहा कि डिपुओं में बायोमीटिक प्रणाली से राशन वितरण कोरोना काल में बंद किया जाए। इससे भी संक्रमण फैलने का खतरा है।
