शिमला। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद डीएपी खाद के लिए सब्सिडी 500 रुपए प्रति बैग से, 140 फीसदी बढ़ाकर 1200 रुपए प्रति बैग करने के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए इसे मोदी सरकार की अन्नदाता को दी गई एक बड़ी राहत बताया है। उन्होंने कहा कि कृषि व कृषक हितैषी मोदी सरकार के अन्नदाता के आर्थिक सशक्तिकरण व उनकी खुशहाली को सुनिश्चित करने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाए हैं। उन्होंने एक बार फिर मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार ने डीएपी की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच इसपर सब्सिडी को बढ़ा दिया है। अब डीएपी खाद का एक बैग 2400 रुपए के बजाय 1200 रुपए में ही मिलेगा। मोदी सरकार ने डीएपी खाद के लिए सब्सिडी 500 रुपए प्रति बैग से 140 फीसदी बढ़ाकर 1200 रुपए प्रति बैग करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि देश में प्रति बोरी सब्सिडी की राशि कभी भी एक बार में इतनी नहीं बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास करेगी कि किसानों को मूल्य वृद्धि का दुष्प्रभाव न भुगतना पड़े। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर साल रासायनिक खादों पर सब्सिडी पर करीब 80,000 करोड़ रुपए खर्च करती है। डीएपी में सब्सिडी बढ़ाने के साथ ही खरीफ सीजन में भारत सरकार 14,775 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करेगी। उनका कहना था कि पिछले साल डीएपी की वास्तविक कीमत 1,700 रुपए प्रति बोरी थी, जिसमें केंद्र सरकार 500 रुपए प्रति बैग की सब्सिडी दे रही थी। इसलिए कंपनियां किसानों को 1200 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से खाद बेच रही थी। इस प्रकार डीएपी की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमतों में वृद्धि के बावजूद इसे 1200 रुपए के पुराने मूल्य पर ही बेचे जाने का निर्णय लिया गया है, जोकि मूल्य वृद्धि का सारा भार केंद्र सरकार उठाने जा रही है।अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में किसानों के हितों में जितने कदम उठाए हैं, उतना पिछले 70 सालों में कोई सरकार नहीं कर पाई। हाल ही में नरेंद्र मोदी ने बिना किसी भेदभाव के पीएम किसान सम्मान निधि की 8वीं किस्त के रूप में 9.5 करोड़ रुपए लाभार्थी किसान परिवारों के लिए 19,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की है। इस योजना के तहत हर साल किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपए की राशि तीन किस्तों में भेजी जाती है। इस तरह तीन किस्तों में किसानों के खातों में हर साल कुल 6,000 रुपए भेजे जाते हैं, जिसका उपयोग हमारे अन्नदाता कृषि कार्यों में कर पाते हैं।
