शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा के चलते देश को बर्बादी के कगार पर ला कर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि सम्भतः आजादी के बाद देश की ऐसी भयावह स्थिति देखने को मिल रही है, जहां नदियों में भी लाशों का अंबार लगा है और इससे स्पष्ट है कि देश आज चारों तरफ से गंभीर चुनौतियों से गुज़र रहा है।
राठौर ने देश में कोविड वेक्सीन की कमी और तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने आज देश में गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। देश को आत्मनिर्भर का स्वप्न दिखाने वाले प्रधानमंत्री को वेक्सीन से लेकर ऑक्सीजन व स्वास्थ्य उपकरण विदेशों से मंगवाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकार को न तो किसानों की कोई चिंता है और न ही देश की गिरती अर्थव्यवस्था की। उन्होंने कहा कि किसान अपने अधिकारों के लिए पिछले सात महीनों से सड़कों पर बैठा है और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से उन्हें बहलाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि देश में एक तरफ कोरोना संक्रमण का कहर है तो दूसरी तरफ सरकार की जनविरोधी नीतियों ने लोगों को देश की आजादी से पहले की विदेशी गुलामी की याद दिला दी है, जहां लोग सरकार का विरोध नहीं कर पाते थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा की प्रदेश में कोरोना वायरस की इस दूसरी लहर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। सरकार प्रभावित परिवारों की कोई भी मदद नहीं कर रही। देव भूमि में लोग अपने मृत परिजनों को कहीं कूड़े के ट्रैक्टर में तो, कहीं अपने कंधों पर अंतिम संस्कार के लिए ढोने पर मजबूर ही गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन पूरी तरह संवेदनहीन हो गया है।
राठौर ने प्रदेश में वैक्सीनेशन की ढीली रफ्तार पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश सभी लोगों का टीकाकरण जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरदराज व दुर्गम क्षेत्रों में कोरोना के फैलाव को देखते हुए इन क्षेत्रों में टीकाकरण विशेष कैंप लगाए जाने चाहिए, जिससे लोगों की समय पर रक्षा की जा सके। उन्होंने प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू के चलते सभी प्रभावित लोगों को राहत देने और उनकी आर्थिक मदद देने की गुहार भी लगाई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस समय अपने सभी टैक्सों की वसूली स्थगित करते हुए बैंकों से किसी भी प्रकार के ऋण की ईएमआई को फिलहाल स्थगित रखने का आदेश देना चाहिए।
