नमस्कार,
हालांकि देश करोना की दूसरी लहर के भीषण संकटकाल के दौर से गुज़र रहा है। पहली लहर के दौरान आप और देश के प्रधानमंत्री चुनाव में व्यस्त रहते हुए बड़ी-बड़ी चुनावी रैलियां करते रहे। उम्मीद करता हूं कि आप और आपके सभी नेता स्वस्थ और सुरक्षित होंगे और अब व्यस्त चुनावी दौर से मुक्त हो चुके होंगे।
मैं, आपका ध्यान हिमाचल प्रदेश जोकि आपका अपना गृह प्रदेश है, उसकी बदत्तर हालात की ओर दिलाना चाहता हूं। कोरोना महामारी से प्रदेश में अबतक 2000 से अधिक जानें जा चुकी हैं और डेड लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। सैंकड़ों युवा अकाल मृत्यु का ग्रास बन चुके हैं।
यह अत्यंत दुःखद है कि आपने एक बार भी हिमाचल की जनता का हालचाल नहीं पूछा। यह समय मानवता के ऊपर घोर संकट का है। इस संकटकाल में आपसे उम्मीद थी कि आप हिमाचल सरकार की कार्यप्रणाली को सुधारने की ओर कदम उठाते।
हमारे प्रदेश में वेंटिलेटर, एम्बुलेंसों की कमी, दवाओं की कमी, डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्य स्टाफ की कमी, समय पर ऑक्सीजन न मिल पाने से होने वाली मौतें, स्वास्थ्य उपकरणों की कमी से सैकड़ों लोग जान गंवा चुके हैं। आपने एक बार भी अपने हिमाचल के लोगों का न तो कुशलक्षेम पूछा और न ही दर्द साझा किया। मृतकों के परिजनों को एक फोन कॉल करके आप सांत्वना तो दे ही सकते थे।
आज भाजपा के खिलाफ देश में उठे जनाक्रोश को देखते हुए आप अपनी पार्टी के डैमेज कंट्रोल के लिए पॉजीटिविटी अभियान में लगे हैं। इसी उद्देश्य से आपके द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष को लिखा गया पत्र न केवल विरोधाभासी है, बल्कि सरकार की नाकामियों को छिपाने का एक निरर्थक प्रयास भी है। यह भाजपा की तुच्छ, संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। लोकतंत्र में विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस को आपसे देश की विकट समस्या से सम्बंधित कोई भी प्रश्न पूछने का पूरा अधिकार है। हैरानी का विषय है कि आप इस विषय में कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी को ही पत्र लिख कर प्रश्न कर रहे हैं। आप कांग्रेस अध्यक्ष को लिखे पत्र में हमारे नेता श्री राहुल गांधी पर भी सवाल उठाते हैं। आपको याद होना चाहिए कि राहुल गांधी ने 12 फरवरी 2020 को कोरोना महामारी के दस्तक देने बारे चेतावनी देकर सरकार को आगाह किया था, पर उस समय प्रधानमंत्री अहमदाबाद में नमस्ते ट्रम्प कर रहे थे। कोरोना को लेकर राहुल गांधी की चेतावनी को दरकिनार कर दिया गया।
आप लिखते हैं कि केरल में कांग्रेस ने बड़ी-बड़ी रैलियां की, लेकिन बंगाल में क्या आप लोग लाखों की संख्या में रैलियां करके कोरोना वाहक बन घूम रहे थे, क्या वह आपको याद नहीं रहा। हिमाचल में भी जब कांग्रेस पार्टी बसों में मास्क, सेनेटाइजर बांट रही थी तो आपकी राज्य इकाई पांवटा साहिब में पार्टी का राज्य सम्मेलन करने में व्यस्त थी। जहां तक सोशल डिस्टेंसिंग की बात है, भाजपा नेताओं, विधायकों, सांसदों ने सरेआम लॉकडॉउन के समय इसकी धज्जियां उड़ाई। आज भी आपकी पार्टी के नेता व लोग इसकी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे।
आप अपने पत्र में उन लाशों का भी ज़िक्र करते जो गंगा में बहती नज़र आ रही हैं और सरकार की नाकामियों को बयां करती हुई वर्तमान व्यवस्था को शर्मशार कर रही हैं।
आप काशी में सैंकड़ों लोगों की इस व्यथा का भी ज़िक्र करते, जिसमें लाशों को कंधा देने की एवज में छः हज़ार रुपए प्रति कंधा वसूली की गई।
जिस तरह से शमशान घाटों पर आज लाशों के कफ़न चुराकर फिर से बेचने के मामले सामने आए हैं आप ऐसी बेशर्म, पिशाच व्यवस्था का भी ज़िक्र करते।
आप, हिमाचल सरकार की उन व्यवस्थाओं का भी ज़िक्र करते, जिसमें कूड़ादान वाहन में लाशों को ले जाया गया। कोरोना संक्रमित मजदूरों को शुलभ शौचालयों में क्वारंटाइन किया गया। ज़िंदा कोरोना पीड़ित को मृत बताकर किसी अन्य की ही लाश परिजनों को सौंप दी जाती है।
यही नहीं, आप अपने पत्र में हिमाचल सरकार के उस कारनामे का भी ज़िक्र करते, जिसमें लॉकडॉउन समय में किस तरह से स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद में घूसखोरी, पीपीई किट, मास्क, सेनेटाइजर में घोटाला हुआ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा तथा स्वास्थ्य निदेशक को जेल की हवा तक खानी पड़ी।
देश में फैले जनाक्रोश को दबाने के लिए आप और आपकी पार्टी इस तरह का बर्ताव कर रही है जैसे कि कांग्रेस पार्टी की सत्ता है और सारी अव्यवस्था के लिए कांग्रेस पार्टी दोषी है। ऐसे हथकंडों से, मीडिया मैनेजमेंट से डैमेज कंट्रोल नहीं होगा। इसके लिए जनता के आंसू पोंछने के लिए जनहित को सर्वोपरि रखना होगा।
आपसे निवेदन है कि इस संकटपूर्ण दौर में जिस तरह देश में कांग्रेस पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर एक मात्र कोरोना संकट से निपटने में लोगों की सेवा व सहायता में लगी है, आप और आपकी पार्टी भी राजनीतिक मैनेजमेंट छोड़ कर कोरोना से निपटे।
आपसे यह भी आग्रह रहेगा कि आपके गृह जिला बिलासपुर में बने एम्स को कोविड अस्पताल के तौर पर उपयोग में लाया जाए, जिसका प्रदेश के लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त 18 साल से ऊपर के युवाओं का वेक्सीनेशन कार्य शुरू करवाए, जो प्रदेश में अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। कोरोना पर राजनीति छोड़ आपको देश व प्रदेश हित में कार्य करना चाहिए। आपकी देश के प्रति जबावदेही है और इससे आप नहीं बच सकते।
कुलदीप सिंह राठौर
अध्यक्ष, हि.प्र. कांग्रेस कमेटी
