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शिमला। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, 2021 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण क्षेत्रों में एकीकृत संपत्ति सत्यापन समाधान प्रदान करने के लिए आधुनिक तकनीक से गांव में सर्वेक्षण और मैपिंग (एसवीएएमआईटीवीए) स्वामित्व योजना का शुभारंभ किया। नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम इसका शुभारंभ किया। इस दौरान मोदी ने देश की पुरस्कार विजेता पंचायतों को बधाई भी दी। 
प्रधानमंत्री मोदी ने पुरस्कार विजेता पंचायतों के बैंक खातों में पुरस्कार राशि भी हस्तांतरित की और एसवीएएमआईटीवीए योजना पर आधारित काॅफी टेबल बुक जारी की। प्रधानमंत्री ने 5002 गांवों में लगभग 4.09 लाख संपत्ति मालिकों को ई-प्राॅपर्टी कार्ड के वितरण का भी शुभारंभ किया। स्वामित्व योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नियोजन के लिए एक सटीक भूमि रिकाॅर्ड तैयार करना और संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना, ग्रामीण भारत के नागरिकों को ऋण और अन्य वित्तीय लाभ हासिल करने के लिए अपनी संपत्ति का उपयोग वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग करने के लिए सक्षम करके वित्तीय स्थिरता लाना है। राज्यों के पंचायती राज विभाग परियोजना के काम के बारे में ग्रामीणों को संवेदनशील बनाने और प्रचार-प्रसार आदि के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) निधि का लाभ उठाने के लिए सहयोग प्रदान करेंगे। ग्राम पंचायतें राज्य पंचायती राज विभाग और राज्य राजस्व विभाग को सर्वेक्षण कार्य को समय पर पूरा करने में मदद करेंगी और सर्वेक्षण के बारे में गांव के लोगों में जागरूकता पैदा करेंगी।
केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व आरडी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग जेसी शर्मा, सचिव ग्रामीण विकास और पंचायती राज डाॅ. संदीप भटनागर, निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज ललित जैन मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे। 

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