शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को रूस से 5.1 लाख रुपए प्रति घण्टे की दर से लीज पर नया हेलीकॉप्टर लेने पर आश्चर्य जताया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रदेश दिनोंदिन कर्जे के बोझ तले डूबा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार, मुख्यमंत्री व मंत्रियों के ऐशो आराम पर करोड़ों खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की फिजूलखर्ची ने आज प्रदेश को बर्बादी के कगार पर ला कर खड़ा कर दिया है।
राठौर ने सोमवार को यहां कहा कि प्रदेश सरकार के पास पहले से ही एक हैलीकॉप्टर है, जिसका किराया दो लाख रुपए प्रति घण्टे के हिसाब से सरकार अदा करती है। अब नए हैलीकॉप्टर का किराया तीन लाख अधिक अदा करना पड़ेगा, जिसका प्रदेश की आर्थिकी पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश 86 हजार करोड़ के कर्ज तले डूब चुका है। इसकी कोई भी चिंता प्रदेश सरकार को नहीं है।
कुलदीप राठौर ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की विकट परिस्थितियों के मध्य सरकार की लोगों के प्रति संवेदनहीनता साफ दिखती है। आज प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी ने आम आदमी का जीना दूभर कर दिया है। लोगों का कारोबार ठप्प पड़ा है। सरकार ने किसी भी वर्ग को कोई राहत देने में अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि आज देश प्रदेश का यह बहुत ही बड़ा दुर्भाग्य है कि सत्ता पर बैठी भाजपा सरकार लोगों के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता के नशे में भाजपा के नेता व इसके अधिकारी आज इतने मदहोश हो गए हैं कि उन्हें सरकार महंगी गाड़ियां खरीद रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर होता, जितना पैसा सरकार अपनी ऐशो-आराम के लिए खर्च कर रही है, उसमें अगर थोड़ा सा भी कोविड़ से निपटने पर खर्च कर देती तो आज प्रदेश में ऐसी विकट स्थिति न होती।
राठौर ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने कोविड की विपदा में अमेरिका के राष्ट्रपति की तर्ज पर अपने लिए 8,400 करोड़ का बोइंग 777 खरीदा। उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी जो आज बुरी तरह प्रभावित है और घटाव से भी नीचे खड़ी है, उसे उभारने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में आज फिर से पिछले साल से भी ज्यादा विकट स्थिति बनती जा रही है। भाजपा के नेता अपने चुनाव प्रचार में डटे हैं। राठौर ने देश में ऑक्सीजन सिलेंडर की बढ़ती कमी पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि आज अस्पतालों में इसकी कमी की वजह से कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हो रही है। सरकार के पास कोरोना अस्पतालों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की भी व्यवस्था तक नहीं है।
