कहा – कांग्रेस के चुनावी वादे बने जुमला, 28 लाख महिलाओं से खुला विश्वासघात
मंचों, होर्डिंग्स और विज्ञापनों में 1500 रुपए गूंजता है, लेकिन महिलाओं के खातों में है सन्नाटा – रमा ठाकुर
मंडी। भाजपा प्रदेश मीडिया सह संयोजक रमा ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पूरे प्रदेश की जगह चुनिंदा इलाकों में 1500 रुपए की घोषणा से कांग्रेस ने महिलाओं को बांटने की राजनीति शुरू कर दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मनाली में 1500 रुपए देने की घोषणा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी झूठी गारंटियों के सहारे सत्ता में आई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद प्रदेश की 28 लाख महिलाओं के साथ खुला विश्वासघात कर रही है। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, अलका लांबा, राजीव शुक्ला सहित कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं ने 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग की हर महिला को बिना किसी शर्त 1500 रुपए प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन आज तीन साल बीत जाने के बाद भी यह वादा केवल जुमला बनकर रह गया है।
रमा ठाकुर ने कहा कि चुनाव के समय कांग्रेस ने न आय सीमा की बात की, न पात्रता की और न ही किसी क्षेत्रीय भेदभाव का उल्लेख किया, लेकिन सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने अपने ही वादों पर शर्तें, नियम और क्षेत्रवाद थोपना शुरू कर दिया। आज हाल यह है कि सरकार चुनाव के करीब आते ही 1500 रुपए की घोषणाओं का शोर मचाती है, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश की अधिकांश महिलाओं को यह राशि कहीं भी नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि 1500 रुपए केवल मंचों, होर्डिंग्स और विज्ञापनों में गूंजता है,ट और असलियत में महिलाओं के खातों में सन्नाटा है।
रमा ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे हिमाचल के मुखिया हैं, न कि किसी एक जिला या अपने पसंदीदा क्षेत्रों के। उन्होंने कहा कि यदि लाहौल-स्पीति या मनाली में किसी योजना की घोषणा की गई है तो भाजपा उसका स्वागत करती है, लेकिन यह समझ से परे है कि प्रदेश के अन्य हिस्सों की महिलाओं से मुख्यमंत्री को क्या बैर है। उन्होंने पूछा कि क्या कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर, शिमला, सिरमौर और चंबा की महिलाएं हिमाचल की महिलाएं नहीं हैं? क्या सरकार महिलाओं को क्षेत्र के आधार पर बांटकर योजनाएं लागू करना चाहती है?
भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश में लगभग 28 लाख महिलाएं हैं और यदि 2022 से अब तक की बकाया राशि का आकलन किया जाए तो प्रदेश की महिलाओं की कांग्रेस सरकार पर 1500 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक मामला नहीं है, बल्कि महिलाओं के भरोसे, सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ गंभीर प्रश्न है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता पाने के लिए महिलाओं की भावनाओं का इस्तेमाल किया और सत्ता में आते ही उन्हें भूल गई, जो एक सोचा-समझा राजनीतिक छल है।
रमा ठाकुर ने मुख्यमंत्री के बयानों की विरोधाभासी करार दिया और कहा कि मनाली की जनसभा का वीडियो ही यह दिखाने के लिए पर्याप्त है कि मुख्यमंत्री स्वयं अपने ही कथनों में उलझे हुए हैं। एक ही मंच से वह कहते नजर आते हैं कि हमने लाहौल में 1500 रुपए दिया है और पूरे प्रदेश में दे रहे हैं। और अगले ही क्षण कहते हैं कि अभी लाहौल में दिया है, आज मनाली में घोषणा कर रहे हैं और आने वाले समय में पूरे प्रदेश को देंगे। सवाल यह है कि वह “आने वाला समय” आखिर कब आएगा? और कब तक हिमाचल की महिलाएं इस भ्रम और अनिश्चितता में जीती रहेंगी?
रमा ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि भाजपा का रुख बिल्कुल साफ है कि मुख्यमंत्री को बिना किसी देरी के पूरे प्रदेश की महिलाओं को 2022 से लेकर आज तक की पूरी बकाया राशि देने की घोषणा करनी चाहिए। प्रदेश को लाहौल, मनाली, किन्नौर या किसी अन्य क्षेत्र में बांटकर योजनाएं लागू करना मुख्यमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि हिमाचल की महिलाएं अब केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि अपने अधिकारों से संतुष्ट होंगी और इस खुले विश्वासघात का लोकतांत्रिक जवाब समय आने पर जरूर देंगी।
