शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पीठ स्थापित होगी। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद (ईसी) ने इसे मंजूरी दी है। ईसी ने विश्वविद्यालय में तीन नई पीठों को स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की है। इसमें सावित्री बाई फुल्ले-देश की प्रथम महिला अध्यापक, संत गुरू रविदास एवं वीरभद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।
विवि के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी परिषद में कई और फैसले भी लिए गए। इनमें विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभाग में नव-नियुक्त हुए सहायक आचार्य तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों के सहायक आचार्यों को पीएचडी करने के लिए स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त एक-एक सीट को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में विश्वविद्यालय में 10 सह-कुलसचिव, 20 सहायक कुलसचिव, 25 अनुभाग अधिकारी तथा अन्य श्रेणी के नए पद स्वीकृति के लिए सरकार को भेजने की सिफारिश की गई। बैठक में वित्त समिति में लिए गए निर्णय, जिसमें चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में लिपिक के पद पर पदोन्नत कर्मचारियों को 6 माह का कंप्यूटर सर्टीफिकेट करने बारे लगाई गई शर्त को माफ करने की स्वीकृति प्रदान की।
कार्यकारिणी परिषद ने एमफिल, एलएलएम, एम. टैक एवं पीएचडी छात्रों को अपने शोध कार्यों को बिना अतिरिक्त शुल्क के 31 दिसम्बर, 2021 तक जमा करने की अनुमति प्रदान की। साथ ही बीबीएम काॅलेज मल्कवाल, नूरपुर, जिला कांगड़ा को सत्र 2021-22 से भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, भू-विज्ञान एवं गणित विषयों में बीएससी तथा एमएससी को अस्थाई सम्बद्धता प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की। बैठक में दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 34 के तहत दिव्यांगों के पदों की पहचान के लिए समिति की सिफारिशों को स्वीकृति प्रदान की गई। ईसी की बैठक में गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए एक जून 2021 को विज्ञापित पदों को दोबारा विज्ञापित करने की स्वीकृति प्रदान की। वहीं ईसी ने विश्वविद्यालय में भरे गए प्राध्यापकों के पदों की नियुक्ति को अपनी स्वीकृति प्रदान की। साथ ही विश्वविद्यालय में प्राध्यापकों की सीधी भर्ती के लिए आरक्षण के 200 अंक मॉडल रोस्टर के तहत आरक्षित रिक्तियों को पुनःआरक्षण के कार्यान्वयन/पुनरीक्षण की समिति की बैठक की सिफारिशों को स्वीकृति प्रदान की गई।
कार्यकारिणी परिषद ने परीक्षा शखा-।। भाग-5 में चार छात्र/छात्राओं के भविष्य को मध्यनजर रखते हुए उनके परीक्षा परिणाम को यथावत रखने की स्वीकृति प्रदान की। ईसी ने प्राचार्य, राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला द्वारा प्रेषित मामले में बीएससी स्नातक के 16 विद्यार्थियों, जो सत्र 2017-20 के छात्र हैं, उनके कोर्स संबंधी मामले को छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्वीकृति प्रदान की। इस अवसर पर विशेष सचिव (वित्त) राकेश कुमार, विशेष सचिव (शिक्षा) नवनीत कपूर, कुलसचिव सुनील शर्मा, आचार्य एनके शारदा, आचार्य वीपी शर्मा, आचार्य नैन सिंह, आचार्य नागेश ठाकुर, प्राचार्य रा.म.वि.खुंडियां डाॅ. अनिल जरियाल, आचार्य एसएस चौहान, डाॅ. अश्विनी राणा तथा बिपिन कुमार उपस्थित थे।
