शिमला। जिला दंडाधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने महामारी अधिनियम, 1897 के तहत लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत खराब, सड़े गले फलों/सब्जियों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध खराब मिठाईयों, मीट, मछली, चाट, बेकरी, दूध एवं ठंडे पेय पदार्थों पर भी लगाया गया है।
आदित्य नेगी ने बुधवार को यहां बताया कि जो ठंडे पेय पदार्थों में बर्फ का प्रयोग होगा, उसके लिए स्वास्थ्य विभाग से प्रमाण-पत्र लेना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कोविड महामारी के नियमों का अनुसरण करना अनिवार्य है तथा मास्क, दस्ताने एवं सैनेटाइजर का प्रयोग करना भी इसमें शामिल है।
नेगी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारियों से बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया तथा तत्परता से कार्य करने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने जिला के तहसीलदार/नायब तहसीलदार से आह्वान किया कि वे समय-समय पर दुकानों एवं ढाबों का औचक निरीक्षण करें और कोविड महामारी की रोकथाम के लिए स्थानीय लोगों को जागरूक करें। उन्होंने जिला के लोगों से कोविड महामारी के दौरान खाद्य पदार्थों में सावधानी बरतने का आग्रह किया और लोगों को सचेत रहने का आह्वान किया।

