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आनी। जिला कुल्लू में कोरोना लक्षण वाले मरीजों को सेंपल देना और स्वास्थ्य विभाग के साथ सहयोग करना अब अनिवार्य किया गया है। आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 34 के तहत प्रदत शक्तियों के अनुसार जिलाधीश कुल्लू डॉ. ऋचा वर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति कोरोना टेस्ट का सेंपल देने से इंकार करता है तो उस पर आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 188, 269, 270 सहित एचपी पुलिस एक्ट की धारा 111, 114 और 115 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

अक्सर देखने में आया है कि कोरोना संक्रमण को कम करने और समाप्त करने के लिए जिन लोगों को सेंपल देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित किया जा रहा है, वो लोग कोरोना सेंपल देने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। ऐसे में कोरोना वॉयरस से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके पश्चात प्रशासन ने कोरोना टेस्ट के लिए सेंपल देना अनिवार्य किया है।

जारी आदेशों के अनुसार जिन लोगों को किसी पॉजीटिव मामले के संपर्क में आने पर प्राथमिक संपर्क, उच्च जोखिम संपर्क में सूचीबद्ध किया गया हो, उन्हें अपना कोरोना टेस्ट का सेंपल स्वास्थ्य विभाग द्वारा टेस्ट के लिए संपर्क करने पर देना अनिवार्य होगा।

एक्टिव केस फाइंडिंग मुहिम या हिम सुरक्षा अभियान के दौरान सामने आने वाले सभी संभावित कोरोना केस के मरीजों, फ्लू के लक्षण वाले मरीजों को भी कोरोना टेस्ट करना अनिवार्य होगा। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संपर्क करने पर व्यक्ति कोरोना टेस्ट देने से इंकार नहीं कर सकता। इसके अलावा समय समय पर चलाए जा रहे रेंडम सेंपलिंग अभियान या विशेष सेंपलिंग अभियान के दौरान किसी भी कोरोना लक्षण वाले (सिंपटोमेटिक) या गैर लक्षण वाले (एसिम्पटोमेटिक) व्यक्ति को यदि स्वास्थ्य विभाग कोरोना सेंपल के लिए संपर्क करता है तो ऐसे मामले में भी लोगों को कोरोना टेस्ट का सेंपल देना और स्वास्थ्य विभाग के साथ सहयोग करना अनिवार्य होगा। 

By admin

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