शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र की एनडीए सरकार पर आरोप लगाया है कि वह देश के किसानों को उकसाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत किसानों के साथ तुरंत बगैर किसी शर्त के बातचीत की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के इस आंदोलन से देश में अन्न पर भारी सकंट पैदा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसान जो मानव सृष्टि का एकमात्र अनदाता है, उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए उनकी मांगों को माना जाना चाहिए।
राठौर ने कहा कि देश के किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के प्रति भाजपा का रवैया जायज नहीं है।उन्होंने कहा कि सरकार ने इन नए कानूनों के तहत बाजार की व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है और किसानों को एक बार फिर से बड़े पूंजीपतियों के हवाले कर दिया है। उन्होंने कहा है कि देश एक तरफ कोविड-19 से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ किसानों पर काले कानून थोप कर केंद्र सरकार ने देश को एक बड़े संकट में धकेल दिया है।
राठौर ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य की जयराम सरकार पर आरोप लगाया कि उसने शुरू से ही इस महामारी को हलके से लिया। उनका कहना था कि देशव्यापी लॉकडाउन के चलते प्रदेश में कोरोना का एक भी मामला न होने पर मुख्यमंत्री अपनी पीठ थपथपाते रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उस दौरान प्रदेश की सीमाओं पर कोविड जांच प्रभावी ढंग से करवाने की मांग राज्य सरकार से की थी। उन्होंने कहा कि उस समय मुख्यमंत्री ने प्रदेश को कोविड डेस्टिनेशन बनाने की बात तक कही थी। उन्होंने कहा कि इसी का नतीजा है कि आज हिमाचल प्रदेश, देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है जहां इसके मामले और मृत्यु दर लगातार बढ़ती जा रही है, जो बहुत ही चिंता की बात है।
